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पश्चिम बंगाल में सीजेपी कार्यकर्ता के पिता की हत्या पर विवाद

पश्चिम बंगाल में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ता के पिता की हत्या ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। सीजेपी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह हत्या स्कूलों की खराब स्थिति पर वीडियो बनाने के कारण हुई। इस घटना के बाद पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। मुख्यमंत्री ने आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की सच्चाई।
 

पश्चिम बंगाल सरकार पर सीजेपी का हमला


कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पश्चिम बंगाल की सरकार को अपने निशाने पर लिया है। हाल ही में बांकुड़ा में सीजेपी के एक कार्यकर्ता के पिता की हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और नेता आशुतोष रांका ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है, यह कहते हुए कि वे चुप नहीं बैठेंगे। उनका आरोप है कि यह हत्या स्कूलों की खराब स्थिति पर वीडियो बनाने के कारण हुई है।


बांकुड़ा में सीजेपी कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के पिता जनाब मफीक की 14 अगस्त को मृत्यु हो गई। सीजेपी का दावा है कि मफीक 13 अगस्त को अपने गांव करिसुंडा के सरकारी स्कूल में 'स्कूल ठीक करो' अभियान में शामिल हुए थे और उन्होंने स्कूल की दयनीय स्थिति का वीडियो बनाया था। उसी शाम, कुछ हथियारबंद लोग उनके घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया। इस हमले का आरोप भाजपा नेताओं पर लगाया जा रहा है।


सीजेपी का कहना है कि हमलावरों ने मफीक से माफी मांगते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा, लेकिन जब उन्होंने इनकार किया, तो परिवार पर हमला किया गया। इस हमले में हफीज और उनके पिता को गंभीर चोटें आईं। अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि वे अब्दुल और उनके परिवार को न्याय दिलाने तक चुप नहीं बैठेंगे और सीजेपी की टीम पश्चिम बंगाल जाएगी।


अब्दुल हफीज ने बताया कि स्थानीय भाजपा नेताओं के हमले के डेढ़ दिन बाद उनके पिता की मृत्यु हुई। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त की रात करीब आठ बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे और बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट की। हमलावरों ने उनके फोन छीनकर स्कूल और जंतर मंतर पर बनाए गए वीडियो को जबरन डिलीट करवा दिया।


मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में जिन आरोपियों के नाम हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पहले ही दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है। सभी आरोपी हैं और कानून के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।