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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: टीएमसी का घोषणापत्र और विपक्ष की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज हो गई है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने 'दीदी की 10 प्रतिज्ञा' नामक घोषणापत्र जारी किया है। इस घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण वादे शामिल हैं। हालांकि, बीजेपी और कांग्रेस ने इसे चुनावी लालच करार देते हुए तीखी आलोचना की है। जानें इस घोषणापत्र की विशेषताएँ और विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ।
 

पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को अपना घोषणापत्र पेश किया, जिसे 'दीदी की 10 प्रतिज्ञा' नाम दिया गया है। इस घोषणापत्र पर बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर सहित कई विपक्षी नेताओं ने तीखी आलोचना की है।


मुख्यमंत्री के वादे और विपक्ष की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणापत्र में जनता के लिए कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं। हालांकि, बीजेपी और कांग्रेस ने इस पर लगातार हमले किए हैं, इसे चुनावी लालच करार देते हुए। सीएम बनर्जी के घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।


विपक्षी नेताओं की आलोचना

बिहार की बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने टीएमसी के घोषणापत्र को 'अवास्तविक' बताया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को ये योजनाएं पहले लागू करनी चाहिए थीं, न कि चुनाव के समय। बीजेपी विधायक शंकर घोष ने कहा कि मतदाता टीएमसी को पूरी तरह नकार देंगे। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी लोगों को गुमराह करने में माहिर है।


टीएमसी के घोषणापत्र की विशेषताएँ

टीएमसी के घोषणापत्र में 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत राशि बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिसमें सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये दिए जाएंगे। बेरोजगार युवाओं के लिए 'बांग्लार युवा-साथी' योजना के तहत 1,500 रुपये मासिक भत्ता देने की योजना है। इसके अलावा, 'दुआरे चिकित्सा' योजना के तहत हर बूथ पर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।


टीएमसी ने 'बांग्लार बारी' योजना के तहत 30 लाख ग्रामीण घर बनाने का भी वादा किया है। धान की खरीद मूल्य 2,500 रुपये प्रति क्विंटल करने और छोटे किसानों को मुफ्त सिंचाई देने का भी प्रस्ताव है। घोषणापत्र में औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया है और MSME क्षेत्र को मजबूत करने की योजना है। ममता बनर्जी ने इस घोषणापत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि केंद्र बंगाल के अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रहा है।