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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद, ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि हराई गई है। ममता ने चुनाव आयोग को इस मामले का मुख्य विलेन बताया और आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से 90 लाख नाम हटाए गए। जानें ममता की पूरी प्रतिक्रिया और उनकी भविष्य की रणनीति के बारे में।
 

चुनाव परिणामों पर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया


विधानसभा चुनाव परिणाम: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। इस बार भाजपा ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। हार के बाद, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा और चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि हराई गई है।


मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी हार भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के खिलाफ थी। ममता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर उन्हें हराने की कोशिश की है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी वापसी करेगी।


ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में नैतिक रूप से उनकी जीत हुई है। उन्होंने चुनाव आयोग को इस पूरे मामले का मुख्य विलेन बताया, जो एकतरफा तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने इसे बंगाल के काले इतिहास का हिस्सा बताया। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी, लेकिन उन्होंने अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यालय को घेरने और उस पर कब्जा करने की कोशिश की गई। मतगणना स्थल पर उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें काउंटिंग सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। ममता ने कहा कि उनकी पीठ पर लात मारी गई।


वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि साजिश के तहत वोटर लिस्ट से 90 लाख नाम हटा दिए गए थे। जब टीएमसी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तब जाकर 32 लाख नाम बहाल हुए, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में चोरी-छिपे 7 लाख अन्य नाम जोड़ दिए गए, जिसके बारे में किसी को जानकारी नहीं दी गई। ममता ने कहा कि 2004 में जब वह अकेली थीं, तब भी उन्होंने ऐसी चुनावी धांधली और अत्याचार नहीं देखे थे।