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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती की तैयारी

भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती की योजना बना रही है। चुनाव आयोग ने एक मार्च से सुरक्षा बलों की तैनाती की घोषणा की है, जो 10 मार्च तक पूरी होगी। चुनाव अप्रैल में होंगे, और इससे पहले केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। भाजपा के कार्यकर्ताओं को तृणमूल कांग्रेस का सामना करने में कठिनाई हो रही है, और पिछले चुनावों में हुई हिंसा के कारण लोग डरे हुए हैं। जानें इस चुनावी प्रक्रिया के बारे में और क्या प्रभाव पड़ेगा।
 

पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारी

भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में केंद्रीय सुरक्षा बलों पर निर्भरता दिखा रही है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की तैनाती की योजना की घोषणा की है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में एक मार्च से सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया 10 मार्च तक पूरी की जाएगी। आयोग के अनुसार, राज्य में 480 कंपनियों की तैनाती की जाएगी, जिसमें से आधी एक मार्च को और बाकी 10 मार्च से पहले तैनात होंगी.


चुनाव की तिथियाँ और सुरक्षा चिंताएँ

पश्चिम बंगाल में चुनाव अप्रैल में आयोजित होंगे, और इसकी आधिकारिक घोषणा 10 मार्च के बाद की जाएगी। इससे पहले, केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। अन्य राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव एक चरण में होंगे, जबकि असम में संभवतः दो चरणों में चुनाव होंगे। भाजपा के कार्यकर्ताओं को तृणमूल कांग्रेस का सामना करने में कठिनाई हो रही है, और पार्टी को यह फीडबैक मिला है कि यदि केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं की गई, तो उनके समर्थक मतदान के लिए नहीं आएंगे। पिछले चुनावों में हुई हिंसा ने लोगों में डर पैदा कर दिया है, इसलिए केंद्रीय बलों की तैनाती से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इससे चुनाव परिणामों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा.