पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हिंसा की छाया, मतदान प्रभावित
चुनाव के पहले चरण में हिंसक घटनाएं
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। जहां एक ओर मतदाता बड़ी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आगजनी, मारपीट और तोड़फोड़ की गंभीर खबरें आ रही हैं।
मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलिगुड़ी और मालदा में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। मुर्शिदाबाद में उपद्रवियों ने हुमायूं कबीर की कार पर लाठी और ईंटों से हमला किया। नौदा में AJUP प्रमुख और रेजीनगर से उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर उपद्रवियों ने हमला किया, जिससे वहां हड़कंप मच गया। इस दौरान टीएमसी और एजेयूपी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हुई। कबीर ने इस हमले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
कूचबिहार में केंद्रीय बलों की कार्रवाई
कूचबिहार के तूफानगंज क्षेत्र में मतदान के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर किया। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व मतदाताओं को डराने का प्रयास कर रहे थे, जिसके चलते सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा।
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र से एक गंभीर घटना सामने आई है। भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने हमला किया। सुवेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि एक विशेष बूथ पर 'बूथ जैमिंग' की जा रही है। जब वे अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो उन पर लाठियों और घूंसों से हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी के गुंडों ने उन्हें पीटा।