पहलगाम हमले की जांच में नया मोड़: पाकिस्तान का संलिप्तता का खुलासा
पहलगाम हमले की जांच में नए तथ्य
पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एनआईए की टीम ने इस हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता का दावा किया है। एनआईए के अनुसार, हमले में शामिल आतंकियों के मोबाइल में बायसरन क्षेत्र की लोकेशन पहले से मौजूद थी। फोन की फोरेंसिक जांच से पता चला है कि बायसरन की जियोग्राफिकल लोकेशन एक नेविगेशन एप में रिकॉर्ड की गई थी, और इसके स्क्रीनशॉट फोन में सेव किए गए थे। एनआईए के सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने हमले की योजना पहले से बना ली थी और एक हफ्ते पहले बायसरन की रेकी की थी।
आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए दो चीनी मोबाइल फोन पाकिस्तान के पते पर भेजे गए थे। सप्लाई चेन रिकॉर्ड से यह स्पष्ट हुआ कि ये फोन कराची और लाहौर के पते पर डिलीवर किए गए थे। एनआईए के अनुसार, बायसरन क्षेत्र के स्क्रीनशॉट 15 और 16 अप्रैल 2025 को लिए गए थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6 किलोमीटर दूर बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान गई थी, जबकि 16 लोग घायल हुए थे। इस हमले में लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया।
चीन के माध्यम से आतंकियों तक पहुंचा GoPro
एनआईए ने 24 मई को बताया था कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के पास से अमेरिकी कंपनी GoPro का एक कैमरा बरामद हुआ था, जो चीन के रास्ते लश्कर-ए-तयैबा के आतंकियों तक पहुंचा था। जांच एजेंसी का मानना है कि इस कैमरे के माध्यम से उन नेटवर्कों का पता लगाया जा सकता है जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को फंड, उपकरण और अन्य संसाधन मुहैया कराते हैं। यह हाईटेक कैमरा पिछले जुलाई में पहलगाम हमले के बाद दाचीगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से बरामद हुआ था।
आतंकी बॉडी कैमरों का उपयोग कर रहे हैं
एनआईए के अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी संगठन हमलों की रिकॉर्डिंग और प्रचार के लिए बॉडी कैमरा और एक्शन कैमरा जैसे उपकरणों का उपयोग बढ़ा रहे हैं। आतंकियों के पास कैमरा कैसे पहुंचा, इस संबंध में अमेरिकी कंपनी GoPro Inc. से संपर्क किया गया, जिसने बताया कि यह कैमरा चीन में उनके अधिकृत वितरक को भेजा गया था। अब यह जांच की जा रही है कि यह कैमरा आतंकियों तक कैसे पहुंचा। अधिकारी गुप्त खरीद नेटवर्क, बिचौलियों और स्थानीय समर्थन की जांच कर रहे हैं।
पहलगाम हमले में पाकिस्तान की भूमिका
एनआईए ने 15 दिसंबर 2025 को पहलगाम हमले के मामले में चार्जशीट दायर की थी, लेकिन हाल ही में इसके विवरण सामने आए हैं। इसमें यह खुलासा हुआ है कि कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता थी। हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तयैबा का आतंकवादी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा है, जो पाकिस्तान के लाहौर में रहता है। साजिद जट्ट आतंकियों का मुख्य हैंडलर था और हमले के दौरान उसने तीनों आतंकियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा।