×

पाकिस्तान का ईरान को गुप्त सैन्य सहायता: अमेरिका के साथ तनाव बढ़ा

हालिया रिपोर्टों में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने ईरान को गुप्त सैन्य सहायता प्रदान की है, जिससे अमेरिका के साथ तनाव और बढ़ गया है। यह जानकारी वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर रही है। अमेरिकी सीनेटरों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, और यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो पाकिस्तान को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

पाकिस्तान और ईरान के बीच सैन्य सहयोग का खुलासा

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, पाकिस्तान ने ईरान को गुप्त सैन्य सहायता प्रदान की है। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अपने नूर खान एयरबेस पर सुरक्षित स्थान दिया, ताकि उन्हें संभावित अमेरिकी हमलों से बचाया जा सके। यह जानकारी वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर रही है, क्योंकि पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा कर रहा था, जबकि उस पर अमेरिका के साथ 'दोहरी चाल' चलने के आरोप लग रहे हैं। अमेरिकी सीनेटरों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए, यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो पाकिस्तान को गंभीर रणनीतिक और कूटनीतिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।


पाकिस्तान का एयरबेस और ईरानी विमानों की सुरक्षा

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने तेहरान के सैन्य विमानों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए अपने एक प्रमुख एयरबेस पर सुरक्षित पार्क करने की अनुमति दी थी। यह खुलासा तब हुआ जब पाकिस्तान खुद को दोनों देशों के बीच एक 'तटस्थ मध्यस्थ' के रूप में पेश कर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल की शुरुआत में, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की, ईरान ने कई विमानों को रावलपिंडी के पास स्थित पाकिस्तान एयर फ़ोर्स बेस नूर खान में भेजा। इनमें ईरानी वायु सेना का एक RC-130 टोही विमान भी शामिल था।


अमेरिकी सीनेटरों की प्रतिक्रिया

इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि यह जानकारी सही है, तो पाकिस्तान की भूमिका का पुनर्मूल्यांकन करना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रति पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के पिछले बयानों को देखते हुए, यदि यह सच है तो उन्हें कोई आश्चर्य नहीं होगा।


ईरान की अन्य गतिविधियाँ

अफगानिस्तान में भी ईरान ने कुछ नागरिक विमानों को भेजा था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उन उड़ानों में सैन्य विमान शामिल थे या नहीं। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ छिपी नहीं रह सकतीं।


ईरान-अमेरिका संकट का प्रभाव

इन घटनाक्रमों ने ईरान-अमेरिका संकट के दौरान पाकिस्तान की संतुलन साधने की नीति को उजागर किया है। इस्लामाबाद ने वाशिंगटन के साथ अपने संबंध बनाए रखे हैं, और साथ ही उन कदमों से भी परहेज किया है जो तेहरान या चीन को नाराज़ कर सकते हैं।


तनाव के बावजूद संघर्ष जारी

सीज़फ़ायर की घोषणा के बावजूद, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है। ईरानी मीडिया के अनुसार, संघर्ष समाप्त करने के प्रस्ताव के तहत ईरान ने अमेरिका से युद्ध के हर्जाने और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की मांग की। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।


संयुक्त अरब अमीरात में ताज़ा घटनाएँ

हाल ही में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास झड़पों की खबरें आई हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर ड्रोन भेजने का आरोप लगाया। पिछले हफ्ते, अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक जहाज़ों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के दो बंदरगाहों पर हमले किए।