पाकिस्तान का ताइवान के खिलाफ कदम: भारत की स्पष्ट नीति
पाकिस्तान का ताइवान के एयरलाइंस पर प्रतिबंध
पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान चीन का अनुयायी है। हाल ही में ताइवान के मामले में भारत ने जो रुख अपनाया है, वह दर्शाता है कि भारत एक साहसी देश है। चीन की वन चाइना नीति के समर्थन में पाकिस्तान ने एक विवादास्पद कदम उठाया है, जिसके कारण उसकी आलोचना हो रही है। पाकिस्तान ने ताइवान की एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है, जिससे ताइवान की प्रमुख विमानन कंपनियों को यूरोप के लिए अपने उड़ान मार्ग बदलने पड़े हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने ताइवान की एयरलाइंस को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति देना बंद कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस बात की पुष्टि की है कि उनका विमानन विभाग वन चाइना नीति का पालन करता है और केवल मुख्य भूमि चीन की एयरलाइंस को उड़ान भरने की अनुमति देता है।
इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय से ताइवान के संबंध में सवाल पूछा गया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि यदि ताइवान से विमान भारत आते हैं, तो भारत की नीति क्या होगी। उन्होंने कहा कि भारत और ताइवान के बीच सीधी उड़ान की योजना पर विचार किया जा सकता है।
ताइवान की एयरलाइंस ने हाल ही में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग बंद कर दिया है और अब उनकी उड़ानें रूस के ऊपर से गुजर रही हैं। पाकिस्तान लंबे समय से वन चाइना नीति का समर्थन करता आ रहा है।
पाकिस्तान को आर्थिक सहायता और समर्थन की आवश्यकता है, और चीन इस मामले में उसका सहयोगी है। पाकिस्तान की स्थिति यह दर्शाती है कि वह किसी भी हद तक गिर सकता है।