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पाकिस्तान की गद्दारी: ट्रंप और अमेरिका को धोखा देने का मामला

पाकिस्तान ने हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के साथ गद्दारी की है, जिससे अमेरिका में गुस्सा फैल गया है। मुनीर शहबाज की इस गद्दारी के चलते पाकिस्तान ने ईरान को मदद पहुंचाई है, जो अमेरिका के लिए चिंता का विषय बन गया है। ट्रंप ने इस मामले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है, और पाकिस्तान ने सफाई देने का प्रयास किया है। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई और अमेरिका की प्रतिक्रिया।
 

पाकिस्तान की गद्दारी का नया मामला

दुनिया भर में पाकिस्तान की छवि एक विश्वासघाती देश के रूप में बन चुकी है। जिसने भी इस देश की सहायता की, कुछ समय बाद उसे धोखा मिला। हाल ही में, पाकिस्तान ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के साथ भी ऐसा ही किया है। मुनीर शहबाज की ट्रंप के साथ की गई गद्दारी ने अमेरिका में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। ट्रंप ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है, और अब अमेरिका में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। पाकिस्तान ने ट्रंप को एक बड़ा धोखा दिया है, जिसका लाभ चीन को मिला है और ईरान को संकट के समय में एक नई ताकत मिली है। पिछले कुछ महीनों में, ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ मुनीर और पीएम शहबाज के साथ कई बार मुलाकात की, जिसमें लंच और डिनर शामिल थे। इसके पीछे भारत पर दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकती है।


ईरान को पाकिस्तान की मदद

हाल ही में मुनीर शहबाज ने अमेरिका को एक बड़ा झटका दिया है। जब पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति फिर से भड़क रही है और ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं, पाकिस्तान ने ट्रंप के साथ गद्दारी करते हुए ईरान को सहायता पहुंचाई है। पाकिस्तान एक ओर अमेरिका के सामने मित्रता का दिखावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वह ईरान को हथियार मुहैया करवा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान चीन के हथियारों को ईरान तक पहुंचाने में मदद कर रहा है।


ट्रंप की प्रतिक्रिया

जब ट्रंप से पाकिस्तान के जरिए ईरान को चीनी मिसाइलों की सप्लाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपनी नाराजगी और हैरानी व्यक्त की। ट्रंप ने कहा कि यदि यह सच है, तो यह बेहद निराशाजनक होगा। पाकिस्तान इस प्रतिक्रिया से घबरा गया है और उसने सफाई देने का प्रयास शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर ने एक बयान जारी कर कहा है कि ईरान को हथियार सप्लाई करने की खबरें गलत हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान को मिलने वाले हथियार पहले पाकिस्तान पहुंचते हैं और फिर सड़क या हवाई मार्ग से ईरान भेजे जाते हैं। ईरान अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए चीन से 300 से 400 मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम खरीद रहा है, जिसकी कीमत लगभग 500 से 580 करोड़ रुपये आंकी गई है।