पाकिस्तान के आर्मी चीफ की बौखलाहट: ऑपरेशन सिंदूर की हार पर भड़क उठे
पाकिस्तान की हार का दर्द: ऑपरेशन सिंदूर
नई दिल्ली: भारत के हाथों 'ऑपरेशन सिंदूर' में मिली हार का गहरा असर पाकिस्तान पर पड़ा है। इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई की पहली वर्षगांठ पर, पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की प्रतिक्रिया एक बार फिर सामने आई है। रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में आयोजित एक कार्यक्रम में मुनीर ने भारत के खिलाफ तीखी टिप्पणियाँ की। वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों की उपस्थिति में, मुनीर ने अपनी सेना की गिरती साख को बचाने के लिए झूठ का सहारा लिया और भारत को खोखली धमकियाँ दी।
मुनीर का झूठा आरोप और भविष्य की धमकी
अपने भाषण में, असीम मुनीर ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हुए आरोप लगाया कि भारत ने पिछले साल 6 से 10 मई के बीच बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया। मुनीर ने यह भी कहा कि दुश्मनों को यह समझ लेना चाहिए कि भविष्य में ऐसी कोई भी कोशिश की गई, तो युद्ध का दायरा सीमित नहीं रहेगा और इसके परिणाम भयानक होंगे। अपनी हार को छिपाने के लिए, मुनीर ने भारत की कड़ी जवाबी कार्रवाइयों को 'फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन' करार दिया।
ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई
हालांकि, मुनीर के झूठे दावों के बावजूद सच्चाई कुछ और है। उनके भड़काऊ बयानों के बाद ही जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या की थी। इस कायराना हरकत के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। 7 मई को भारतीय सेना ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए 9 प्रमुख आतंकी कैंपों को नष्ट कर दिया, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। जब पाकिस्तान ने पलटवार करने की कोशिश की, तो भारत ने 10 मई तक उसके सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की, जिससे पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। अंततः पाकिस्तान को भारत से सीजफायर की भीख मांगनी पड़ी।