पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शन पर रक्षा मंत्री का विवादास्पद बयान
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भारत के दुश्मन के रूप में देखा और सरकार की सख्त कार्रवाई का समर्थन किया। JAAC के समर्थकों ने रावलकोट से मुज़फ़्फ़राबाद तक मार्च किया, जिसमें सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कई कार्यकर्ता मारे गए। इस स्थिति ने PoK में तनाव को और बढ़ा दिया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
Jul 29, 2026, 12:09 IST
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में बढ़ते विरोध
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने एक नया विवाद खड़ा किया है। उन्होंने सरकार की सख़्त कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि वे उन लोगों को भारत के दुश्मन के रूप में देखते हैं जो इस्लामाबाद के खिलाफ सड़कों पर उतरते हैं। एक स्थानीय टेलीविज़न चैनल से बातचीत में आसिफ़ ने कहा कि प्रदर्शनकारियों और भारत के बीच कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं प्रदर्शनकारियों को भारत के समान मानता हूँ और उन्हें भी दुश्मन समझता हूँ।" इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की संभावना को भी खारिज कर दिया और उन्हें "पाकिस्तान का दुश्मन" करार दिया।
प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई
आसिफ़ ने यह टिप्पणी तब की जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के नेतृत्व में हो रहे विरोध मार्च पर गोलीबारी की। इस घटना में कम से कम 14 कार्यकर्ता मारे गए, जो हाल के वर्षों में PoK में हुई सबसे घातक घटनाओं में से एक थी। JAAC के हजारों समर्थकों ने रावलकोट से मुज़फ़्फ़राबाद तक मार्च किया, जहाँ वे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को समाप्त करने की मांग कर रहे थे। JAAC का कहना है कि यह व्यवस्था PoK के निवासियों के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करती है। प्रदर्शन के दौरान, लगभग 5,000 लोग एक शांतिपूर्ण मार्च में शामिल थे, जब पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। JAAC ने आरोप लगाया कि उनके कम से कम 14 कार्यकर्ता मारे गए और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। मारे गए लोगों में JAAC के संस्थापक सदस्य उमर नज़ीर का छोटा भाई उस्मान नज़ीर भी शामिल था। संगठन ने पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों पर "बिना उकसावे के गोलीबारी" करने का आरोप लगाया है।
सरकार का बयान और स्थिति का बढ़ता तनाव
हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के पास आधुनिक हथियार थे और उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। PoK में तनाव बढ़ता जा रहा है, जहाँ हफ़्तों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 5 जून को शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद से सेना की कार्रवाई में 80 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ताज़ा हिंसा से पहले, लगभग 40 लोगों की मौत हो चुकी थी, जिनमें 34 प्रदर्शनकारी और छह सुरक्षाकर्मी शामिल थे।