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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चुनावों पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विधानसभा चुनावों के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। भारत ने इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक नहीं मानते हुए पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वहां की जनता की आवाज को दमन के जरिए दबाया जा रहा है। मतदान के दौरान कई क्षेत्रों में टकराव की घटनाएं भी सामने आई हैं। जानें इस मुद्दे पर भारत का क्या कहना है और क्षेत्र में हालात कैसे हैं।
 

चुनावों के बीच तनावपूर्ण स्थिति


पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में दो विधानसभा सीटों पर मतदान के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। भारत ने इस चुनावी प्रक्रिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, यह कहते हुए कि वहां की जनता की आवाज को बल प्रयोग और दमन के माध्यम से दबाया जा रहा है।


भारत ने चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे चुनाव असली लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि यह केवल एक दिखावा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान दुनिया का ध्यान असली मुद्दों से हटाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है, लेकिन पाकिस्तान सरकार इसका समाधान बातचीत के बजाय हिंसा, धमकी, संचार बंद करने और गोलीबारी के जरिए कर रही है। भारत का कहना है कि इस मामले में पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।


वोटिंग के दौरान तनाव में वृद्धि

PoJK में दो विधानसभा सीटों पर मतदान पहले 2 अगस्त को होना था, लेकिन भारी विरोध, सड़क जाम और आगजनी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब मुजफ्फराबाद-1 के सभी मतदान केंद्रों और मुजफ्फराबाद-2 के 52 केंद्रों पर सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में स्थिति सामान्य नहीं है। बाग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। वहीं, मुजफ्फराबाद में भी सादे कपड़ों में मौजूद सुरक्षा कर्मियों द्वारा गोली चलाने के दावे किए गए हैं।


प्रदर्शन और सुरक्षा कार्रवाई पर चिंता

चुनाव से पहले 3 अगस्त की शाम को कहोरी पुल क्षेत्र में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान आगजनी की घटनाएं भी हुईं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई। भारत का दावा है कि जून 2026 से अब तक पाकिस्तान की कार्रवाई में कम से कम 90 नागरिकों की मौत हो चुकी है। भारत का कहना है कि लोगों में बढ़ते असंतोष को दबाने के लिए लगातार बल प्रयोग किया जा रहा है। चुनाव के दौरान विरोध की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि क्षेत्र में स्थिति अब भी सामान्य नहीं है।