×

पाकिस्तान ने मसूद अजहर की गिरफ्तारी के लिए 70 लाख रुपये का इनाम रखा

पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की गिरफ्तारी में सहायता के लिए 70 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। अजहर, जो भारत में कई आतंकवादी मामलों में वांछित है, पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी की वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल है। भारत ने अजहर को वापस लाने की मांग की है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि वह अफगानिस्तान भाग गया था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और ताजा घटनाक्रम।
 

मसूद अजहर की गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा

पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की गिरफ्तारी में सहायता करने वाली जानकारी के लिए 70 लाख रुपये का इनाम जारी रखा है। यह जानकारी सोमवार को अधिकारियों द्वारा साझा की गई। अजहर पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) की सबसे वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल है।


जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक अजहर भारत में कई आतंकवादी मामलों में वांछित है, जिनमें 2001 में संसद पर हुआ हमला भी शामिल है। वह उन 20 भगोड़ों में से एक है, जिन्हें भारत ने पाकिस्तान से वापस लाने की मांग की थी। यह मांग भारत ने 2008 के मुंबई हमलों के बाद भी दोहराई थी।


भारतीय अधिकारियों ने जैश-ए-मोहम्मद को कई अन्य हमलों से भी जोड़ा है, जैसे कि 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा हमला। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह अजहर को शरण दे रहा है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि वह अफगानिस्तान भाग गया था। हालांकि, तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज कर दिया है।


सूत्रों के अनुसार, अजहर का नाम 2021 में एफआईए की वांछित आतंकवादियों की सूची ‘रेड बुक’ में शामिल किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उसका नाम 2026 की ‘रेड बुक’ में भी दर्ज किया गया है। इस सूची में उसे जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख के रूप में पहचाना गया है, और प्रविष्टि की तारीख 31 दिसंबर, 2021 है।


इस सूची में अजहर का नंबर 1480 है, जिसमें कुल 1,804 आतंकवादियों के नाम शामिल हैं। प्रविष्टि में अजहर को स्वस्थ, भारी-भरकम शरीर वाला और मध्यम कद का बताया गया है। इसमें कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान की संघीय/प्रांतीय सरकार मौलाना मसूद अजहर (पिता खुदा बख्श) की गिरफ्तारी या सजा दिलाने में मदद करने वाली जानकारी के लिए 70 लाख रुपये तक का इनाम देगी।’’ हालिया घटनाक्रम वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की आगामी पूर्ण बैठक से पहले आया है, जो 26 से 30 अक्टूबर तक पेरिस में आयोजित होने वाली है।