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पाकिस्तान में सामूहिक दुष्कर्म मामले में रिश्वत का आरोप

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने एक न्यायाधीश पर आरोप लगाया है कि उसने सामूहिक दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी को जमानत देने के लिए रिश्वत ली। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी ने पीड़िता को आरोप वापस लेने के लिए 70,000 अमेरिकी डॉलर की पेशकश की थी। इस मामले में पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं, और मुख्यमंत्री ने न्याय व्यवस्था की ईमानदारी पर सवाल उठाए हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की घटनाएं।
 

मुख्यमंत्री का गंभीर आरोप

(एम जुल्करनैन) लाहौर, 24 अक्टूबर: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने शनिवार को एक चौंकाने वाला आरोप लगाया है कि अजरबैजान की 20 वर्षीय महिला के सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने मुख्य आरोपी को जमानत देने के लिए रिश्वत ली। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी, अहमद तनवीर, ने महिला को उसके खिलाफ लगाए गए आरोप वापस लेने के लिए 70,000 अमेरिकी डॉलर की पेशकश की थी। अधिकारियों के अनुसार, यह महिला सितंबर के मध्य में व्यापार के सिलसिले में पाकिस्तान आई थी।


घटना का विवरण

पुलिस ने जानकारी दी कि 25 सितंबर को लाहौर में दो महिलाएं उसे ‘डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी’ (डीएचए) क्षेत्र के एक कैफे में ले गई थीं, जहां तीन पुरुष भी उनके साथ शामिल हो गए। इसके बाद, इन पुरुषों ने उसे और दो अन्य महिलाओं को अपने वाहन में उनके गंतव्य तक छोड़ने का प्रस्ताव दिया। पुलिस के अनुसार, ये लोग महिला को एक फ्लैट में ले गए, जहां उन्होंने शराब पी और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।


गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया

पुलिस ने इस मामले में दो पुरुष आरोपियों और दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अहमद तनवीर जमानत पर था। हालांकि, शुक्रवार को अग्रिम जमानत की अवधि बढ़ाए जाने के बावजूद पुलिस ने तनवीर को लाहौर की सत्र अदालत के बाहर गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने तनवीर की गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कोई भी बलात्कारी या अपराधी केवल इसलिए न्याय से बच नहीं सकता कि उसके पास पैसा है।’


रिश्वत के आरोप और न्याय व्यवस्था पर सवाल

उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के संपन्न परिवार ने पीड़िता को अपने आरोप वापस लेने के बदले दो करोड़ पाकिस्तानी रुपये (करीब 72,000 अमेरिकी डॉलर) देने की पेशकश की थी। मरियम नवाज ने कहा, ‘यह आरोप भी है कि आरोपी को जमानत देने वाले न्यायाधीश को रिश्वत दी गई थी। यदि ये आरोप सही हैं, तो इससे न्याय व्यवस्था की ईमानदारी पर गंभीर सवाल उठते हैं।’


अदालत में घटनाक्रम

शुक्रवार को आरोपी अपने वकील के साथ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रफाकत अली गोंडल के समक्ष पेश हुआ। वकील ने अदालत में शिकायतकर्ता का एक वीडियो बयान पेश किया, जिसमें वह तीन आरोपियों के खिलाफ पहले लगाए गए आरोप वापस लेती नजर आ रही थी। न्यायाधीश ने आरोपी तनवीर की अग्रिम जमानत की अवधि मंगलवार तक बढ़ा दी।


गिरफ्तारी के दौरान हिंसा

जैसे ही आरोपी अदालत परिसर से बाहर निकला, पुलिसकर्मियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके सहयोगियों ने कड़ा विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने आरोपी के कई सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया। आरोपी के पिता ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के अपराध नियंत्रण विभाग (सीसीडी) ने उनके बेटे को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया है।


पिछले मामलों का संदर्भ

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि सीसीडी उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ में मार देगा। उल्लेखनीय है कि इसी साल जून में नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं के साथ चार पुरुषों ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया था, जिसमें पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार का पोता भी शामिल था।