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पीएम मोदी ने 4,399 दिनों की सेवा से बनाया नया इतिहास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों की सेवा के साथ एक नया ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। इस उपलब्धि पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। बिरला ने इसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बताया, जबकि शाह ने मोदी जी के कार्यकाल को भारत के स्वाभिमान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का समय कहा। जानें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बारे में और क्या कहा गया है।
 

प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक उपलब्धि

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। ओम बिरला ने कहा कि 4,399 दिनों की निरंतर सेवा भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और जनविश्वास का प्रतीक है।


लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 'एक्स' पर लिखा, "आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और जनविश्वास का प्रतीक है।"


उन्होंने आगे कहा, "इस अवधि में संवैधानिक मूल्यों और संसदीय लोकतंत्र को स्वस्थ प्रक्रियाओं के माध्यम से और अधिक मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री को इस विशेष उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं। राष्ट्र की प्रगति और सुशासन के लिए उनके नेतृत्व को मेरी शुभकामनाएं।"


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस अवसर पर पीएम मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा, "देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर पीएम मोदी को हार्दिक बधाई। मोदी जी के ये 12 वर्ष भारत के स्वाभिमान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के रहे हैं।"


अमित शाह ने 'एक्स' पर लिखा, "नई संसद का निर्माण, तीन नए कानूनों का लागू होना, नई शिक्षा नीति और मातृभाषाओं में शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होना, ये सब मोदी जी के कार्यकाल में हुए हैं। इन 12 वर्षों में देश की सीमाएं सुरक्षित हुईं, कश्मीर से धारा 370 समाप्त हुई, राम मंदिर का निर्माण हुआ, और आतंकवाद पर काबू पाया गया।"


उन्होंने कहा कि मोदी जी की सबसे बड़ी उपलब्धि देशवासियों को सुरक्षित बनाना और उनके खोए हुए आत्मसम्मान को लौटाना है। आज नया भारत आत्मविश्वास के साथ विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है।