पुतिन का 32 घंटे का सीजफायर, जेलेंस्की ने उठाए गंभीर सवाल
सीजफायर की घोषणा
नई दिल्ली - रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध के बीच एक अस्थायी सीजफायर की घोषणा की है, जो केवल 32 घंटे के लिए मान्य है। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने रूस पर तीखा हमला किया है।
जेलेंस्की का बयान
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुतिन पर आरोप लगाते हुए कहा, "पुतिन को यह समझ में आ गया है कि वे यूक्रेन पर पूरी तरह से कब्जा नहीं कर सकते। कभी-कभी वे हमारे सहयोगियों के साथ ऐसे संदेश साझा करते हैं जो वास्तव में उनके विचार नहीं होते। उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है और उनके पास युद्ध के मैदान में प्रशिक्षित सैनिकों की कमी है। वे एक ऐसा रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे हैं जो जीत की तरह दिखे। इसलिए, वे अमेरिका के साथ बातचीत के माध्यम से हमें डोनबास से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं।"
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "रूसियों ने टेलीग्राम को बंद क्यों किया? मुझे लगता है कि यह नापसंद फैसलों को लागू करने के लिए किया जाएगा। शायद युद्ध समाप्त हो जाए, या इसके विपरीत, इसे और बढ़ाया जाए। इसका मतलब होगा कि मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग से लोग मोर्चे पर भेजे जाएंगे और लाशें वापस आएंगी। दूसरे शब्दों में, वह अब उन बड़े शहरों से बच नहीं पाएगा, जिनसे वह पहले बचने की कोशिश कर रहा था।"
समाज में प्रतिक्रिया
जेलेंस्की ने कहा कि रूस को यह नहीं पता कि समाज में इस पर कैसी प्रतिक्रिया होगी। उन्होंने कहा, "रूस युद्ध के किसी नतीजे के लिए तैयारी कर रहा है। उनके प्रोपेगैंडा ने समाज के एक कट्टरपंथी हिस्से को भड़काया है, जो लगभग 20-25 प्रतिशत है। ये लोग युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।"
युद्ध बढ़ाने की संभावना
रूस के हमलों को तेज करने के विकल्प पर जेलेंस्की ने कहा, "अगर रूस युद्ध को बढ़ाने का रास्ता चुनता है, तो मुझे लगता है कि एक त्रिपक्षीय बैठक होगी। वे इसे अप्रैल, मई या जून में करने की कोशिश करेंगे। ये उनके लिए महत्वपूर्ण महीने हैं।"
नाटो सदस्यता पर टिप्पणी
यूक्रेन को नाटो की सदस्यता मिलने के संदर्भ में जेलेंस्की ने कहा, "यूक्रेन ने न्यूक्लियर हथियार छोड़ने के लिए सहमति दी थी, लेकिन इसके बदले में जो कीमत चुकानी पड़ी, वह सही होनी चाहिए थी। मुझे लगता है कि नाटो की सदस्यता यूक्रेन के नेताओं को न्यूक्लियर हथियारों के बदले में मिलने वाली सबसे छोटी चीज थी। हमें क्या मिला? कुछ नहीं। यह कोई सही खेल नहीं था और एक बड़ी गलती थी।"