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प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच फोन वार्ता: समुद्री सुरक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिश्कियान के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में प्रगति की सराहना की और कहा कि सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति से ही संभव है। उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है। जानें इस वार्ता के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 

मोदी और पेजिश्कियान के बीच बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिश्कियान के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा हुई। इस वार्ता में, राष्ट्रपति पेजिश्कियान ने हाल की घटनाओं और भविष्य की रणनीतियों के बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी। पीएम मोदी ने क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में हुई प्रगति की सराहना की और कहा कि सभी विवादों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। इसके साथ ही, समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निर्बाधता भी महत्वपूर्ण है। इस बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष ध्यान दिया गया। 


समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। लगभग एक चौथाई विश्व का कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी इसी मार्ग से गुजरता है। भारत भी अपनी तेल आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से प्राप्त करता है। हाल के संघर्ष के दौरान, ईरान ने कई बार होर्मुज को बंद करने की चेतावनी दी थी, जिससे वैश्विक ध्यान इस समुद्री मार्ग पर केंद्रित हो गया। इस दौरान, भारतीय जहाजों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई, जिसके चलते कई जहाजों को अतिरिक्त सुरक्षा के साथ यात्रा करनी पड़ी। भारत ने इस संकट के दौरान केवल बयान नहीं दिए, बल्कि ईरान के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। यह पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजिश्कियान के बीच बातचीत का दूसरा अवसर था। 


भारत और ईरान के बीच संवाद

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराची के बीच भी कई बार बातचीत हुई है। इसके अतिरिक्त, ब्रिक्स में विदेश मंत्रियों, ऊर्जा मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठकों में भी दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहा। ईरान के राष्ट्रपति ने भारत के रुख और पीएम मोदी की भूमिका की सराहना की, यह कहते हुए कि दुनिया को मिलकर एक ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जहां समस्याओं का समाधान ताकत के बजाय बातचीत और कूटनीति से हो सके।