प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की महत्वपूर्ण बैठक G7 शिखर सम्मेलन में
G7 शिखर सम्मेलन में मोदी-ट्रंप की मुलाकात
फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना घटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मुलाकात लगभग 18 महीनों के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली आमने-सामने की बातचीत थी, जिसने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा दी है। बातचीत शुरू होने से पहले दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी का आदान-प्रदान हुआ। समिट स्थल पर साझा की गई तस्वीरों में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप को एक-दूसरे से हाथ मिलाते और अनौपचारिक बातचीत करते देखा गया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है.
बैठक के मुख्य विषय
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, विशेषकर पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित चिंताओं पर चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार किया गया। भारत और अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं, और इस दौरान अमेरिका से ऊर्जा आयात एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है।
व्यापारिक संबंध भी इस बैठक के एजेंडे में शामिल थे। सूत्रों ने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है, और इसे अगले कुछ हफ्तों में पूरा करने की संभावना है। इस बैठक से दोनों नेताओं को सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का अवसर मिला।
G7 में समुद्री सुरक्षा पर मोदी का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने G7 समिट में समुद्री यात्रियों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने सभी देशों से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि समुद्री यात्री सुरक्षित रूप से अपने कार्य कर सकें। मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन की सुरक्षा वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उनके बयान ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज़ पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय क्रू सदस्यों की मौत के बाद आए हैं, जिसने भारत में चिंता और गुस्सा पैदा किया है।