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प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाकिया के राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सहयोग पर चर्चा की गई। राष्ट्रपति मुर्मू ने भी इस बैठक में भाग लिया और दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने की उम्मीद जताई। यह समिट ग्लोबल साउथ में एआई पर होने वाला पहला समिट है, जिसमें 110 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
 

प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ नवाचार, उद्योग और आधुनिक प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। राष्ट्रपति पेलेग्रिनी भारत में 16 फरवरी से चल रहे आई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने आए थे।


राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत

स्लोवाकिया के राष्ट्रपति का स्वागत भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक अलग बैठक में किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने पिछले वर्ष स्लोवाकिया की यात्रा की थी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने आम भलाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर जोर दिया और 'पीपल, प्लैनेट व प्रोग्रेस' के सिद्धांतों पर चर्चा की, जिसका उद्देश्य समावेशी विकास के लिए एआई को आगे बढ़ाना है।


भारत-स्लोवाकिया के सहयोग पर चर्चा

राष्ट्रपति मुर्मू ने व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों में भारत और स्लोवाकिया के बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समिट दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है और आज इसका अंतिम दिन है। इस समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों के सरकारी नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, अकादमिक, प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तक और नागरिक समाज एकत्रित हुए हैं।


ग्लोबल साउथ में पहला एआई समिट

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट, ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला एआई समिट है, जिसका उद्देश्य एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार करना है। यह 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण और 'एआई फॉर ह्यूमैनिटी' के वैश्विक सिद्धांत के साथ मेल खाता है। इस समिट में 110 से अधिक देशों, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, लगभग 20 उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों और लगभग 45 मंत्रियों ने भाग लिया।