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प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा: ऐतिहासिक संबोधन और द्विपक्षीय संबंधों की नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा भारतीय कूटनीति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ। उन्होंने इजरायली संसद में भाषण देकर न केवल भारत का मान बढ़ाया, बल्कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी दिया। इस दौरे के दौरान, मोदी ने इजरायल के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की। जानें इस यात्रा की खास बातें और इसके पीछे के उद्देश्य।
 

प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा


नई दिल्ली: भारतीय कूटनीति के इतिहास में बुधवार का दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली संसद 'नेसेट' में अपना भाषण दिया। इस अवसर पर वह इस मंच से बोलने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। उनका यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ती मित्रता के लिए भी खास रहा।


अपने भाषण में, पीएम मोदी ने वैश्विक आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की। इजरायल के नागरिकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, 'हम आपके दर्द को समझते हैं और आपके दुख में आपके साथ हैं।' उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद और निर्दोष नागरिकों की हत्या को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। भारत इस वैश्विक लड़ाई में इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है।


यरूशलेम में पीएम मोदी का भव्य स्वागत


यरूशलेम पहुंचने पर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। नेतन्याहू ने मोदी को न केवल एक वैश्विक नेता, बल्कि इजरायल का 'महान मित्र' और अपना 'भाई' बताया। उन्होंने 7 अक्टूबर के संकट के समय में भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'आप इजरायल और सत्य के साथ खड़े रहे, इसके लिए धन्यवाद मेरे मित्र।'


रक्षा और रणनीतिक साझेदारी के नए आयामों की ओर बढ़ते हुए, पीएम मोदी की यह दूसरी इजरायल यात्रा रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में एक 'मील का पत्थर' साबित होने वाली है। भारत अपने स्वदेशी 'सुदर्शन चक्र' एयर डिफेंस शील्ड के विकास के लिए इजरायल के 'आयरन डोम' सिस्टम की तकनीकों को अपनाने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा, कृषि, जल प्रबंधन और विज्ञान-तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी बातचीत चल रही है।


प्रवासी भारतीय: सद्भावना के मजबूत स्तंभ


पीएम मोदी ने इजरायल में रहने वाले लगभग 41,000 प्रवासी भारतीयों को इस द्विपक्षीय संबंध की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा एक समृद्ध और लचीले भविष्य के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी। मध्य पूर्व के तनावपूर्ण माहौल में, यह यात्रा भारत और इजरायल की बढ़ती रणनीतिक मजबूती और गतिशीलता का एक प्रभावी प्रदर्शन है।