प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स में ऐतिहासिक भाषण: भारत-सेशेल्स संबंधों की नई दिशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक संबंधों की चर्चा की। उन्होंने 1770 के इतिहास का जिक्र करते हुए दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों को रेखांकित किया। मोदी ने भविष्य के लिए साझेदारी के अवसरों पर भी बात की, जिसमें फिशरीज और सस्टेनेबल टूरिज्म शामिल हैं। जानें उनके भाषण की प्रमुख बातें और भारत-सेशेल्स संबंधों की नई दिशा।
Jun 28, 2026, 17:37 IST
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन
सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में संसद को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यह दुनिया की 20वीं संसद है, जिसे उन्होंने संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा, "यहां की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में खड़ा होना मेरे लिए एक विशेष सम्मान है। मैं भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से आपके लिए ढेर सारी शुभकामनाएं लेकर आया हूं।"
भारत और सेशेल्स के संबंध
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 2015 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, उन्होंने सबसे पहले सेशेल्स का दौरा किया था, क्योंकि भारत के दृष्टिकोण में सेशेल्स का महत्वपूर्ण स्थान है। एक दशक बाद लौटकर उनका विश्वास और भी मजबूत हुआ है। उन्होंने सेशेल्स को उसकी आजादी की 50वीं वर्षगांठ पर बधाई भी दी।
इतिहास की चर्चा
मोदी ने 1770 के इतिहास का किया जिक्र
पीएम मोदी ने भारत और सेशेल्स के गहरे संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा कि यह दोस्ती केवल 50 साल पुरानी नहीं है। यह अगस्त 1770 में शुरू हुई थी, जब 'थेलेमाके' जहाज से लोग सेंट ऐन आइलैंड पहुंचे थे, जिसमें पांच भारतीय भी शामिल थे। यह यात्रा भारतीयों की कहानियों को मॉडर्न सेशेल्स की कहानी का हिस्सा बनाती है।
समुद्री सुरक्षा और सहयोग
INS नीलगिरि से लेकर INS तरकश तक...
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच की साझेदारी की गहराई को दर्शाते हुए कहा कि 50 साल पहले जब सेशेल्स स्वतंत्र हो रहा था, तब भारत का एक नौसैनिक जहाज 'INS नीलगिरि' वहां मौजूद था। आज, जब सेशेल्स अपनी आजादी की गोल्डन जुबली मना रहा है, भारत के दो आधुनिक युद्धपोत 'INS तरकश' और 'INS इक्षक' इस जश्न में शामिल हैं। पिछले 50 वर्षों में बहुत कुछ बदला है, लेकिन एक-दूसरे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता आज भी वैसी ही है।
भविष्य की दिशा
फ्यूचर जनरेशन के लिए मिलकर काम करने का संकल्प
अपने भाषण के अंत में, पीएम मोदी ने भविष्य के लिए रोडमैप पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर फिशरीज, मरीन साइंस, कोस्टल मैनेजमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबल टूरिज्म में बेहतरीन साझेदारी कर सकते हैं। उन्होंने सांसदों और वैश्विक समुदाय से अपील की कि हम सभी मिलकर काम करें ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ और सुरक्षित समुद्र विरासत में मिले।