प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण: 2047 तक आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत के भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए 2047 तक एक विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराया। अपने भाषण में, उन्होंने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा, सौर ऊर्जा और समुद्र के भीतर प्राकृतिक संसाधनों की खोज पर चर्चा की। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत को अपनी आवश्यकताओं के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बनना होगा।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अब देश को छोटे लक्ष्यों के बजाय बड़े सपने देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने चाहिए, क्योंकि ये हमारी सोच को विस्तारित करते हैं।" उन्होंने 2047 तक विकसित देश बनने का सपना साझा किया और कहा कि यह लक्ष्य हासिल करने के लिए देशवासियों की सामूहिक शक्ति आवश्यक है।
सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर को भारत की भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में सेमीकंडक्टर के बिना प्रगति संभव नहीं है और भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जिनका उद्देश्य देश की चिप आवश्यकताओं को पूरा करना और वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक मजबूत स्थान प्राप्त करना है।
महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता
पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक तकनीक कई महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि भारत ने महत्वपूर्ण खनिजों के लिए कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में कदम उठाए हैं और कई देशों के साथ समझौते किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के लिए भारत को सुरक्षित बनाना और विदेशी निर्भरता को कम करना है।
ऊर्जा सुरक्षा का महत्व
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर के साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि चिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसी तकनीकों के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी। पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए 100 GW परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा। उन्होंने सौर ऊर्जा में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न ऊर्जा स्रोतों का समन्वय आवश्यक है।
समुद्र के भीतर संसाधनों की खोज
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार देश में संसाधनों की कमी नहीं होती, बल्कि सोच की सीमाएं विकास में बाधा बनती हैं। उन्होंने समुद्र के भीतर संसाधनों की खोज की दिशा में भारत के प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि कुछ क्षेत्रों को अब 'गो-अहेड एरिया' के रूप में विकसित किया जा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का मुख्य संदेश यह था कि भारत को भविष्य की तकनीक, ऊर्जा और संसाधनों में आत्मनिर्भर बनना होगा। सेमीकंडक्टर से लेकर महत्वपूर्ण खनिजों और परमाणु ऊर्जा से समुद्री संसाधनों तक, सरकार की प्राथमिकता घरेलू क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने देशवासियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का आह्वान किया।