प्रधानमंत्री मोदी की 25 साल की यात्रा: सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत
नई दिल्ली में ऐतिहासिक अभियान की घोषणा
नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनसेवा की यात्रा एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचने वाली है। उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी ने व्यापक तैयारी की है। पार्टी 17 सितंबर से एक महीने तक चलने वाले विशेष 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के दो दशकों से अधिक के प्रशासनिक और राजनीतिक सफर, उनके दृष्टिकोण और जनहित में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को देश के हर कोने तक पहुंचाना है।
गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधान सेवक बनने की यात्रा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में इस राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक विशेष महत्व रखता है।
इसी दिन, वर्ष 2001 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। एक समर्पित संगठन कार्यकर्ता से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधान सेवक बनने तक का उनका यह सफर भारत की विकास यात्रा से गहराई से जुड़ा हुआ है।
साधारण कार्यकर्ता से शीर्ष नेतृत्व तक की यात्रा
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में नरेंद्र मोदी का हर कदम और नीति अंतिम व्यक्ति की सेवा के विचार से प्रेरित रही है। उन्होंने सत्ता को केवल शासन का माध्यम नहीं, बल्कि अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त करने का साधन बनाया।
एक सामान्य पार्टी कार्यकर्ता के रूप में उनके अनुभव ने उन्हें देश की वास्तविक समस्याओं को गहराई से समझने का अवसर दिया, जिसे उन्होंने अपनी नीतियों में समाहित किया।
गरीब कल्याण और जनहितैषी योजनाओं का प्रभाव
अपने संबोधन में नितिन नबीन ने केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को उजागर किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश ने गरीबी उन्मूलन की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति की है। संकट के समय में करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त राशन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और कोरोना महामारी के दौरान दुनिया का सबसे बड़ा और सफल टीकाकरण अभियान चलाना, इन सभी प्रयासों ने देशवासियों के जीवन को सुरक्षित और सुलभ बनाया है।
आर्थिक ठहराव से शीर्ष 5 वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में प्रवेश
2014 के दौर को याद करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब केंद्र में सत्ता परिवर्तन हुआ, उस समय देश नीतिगत ठहराव और निराशा के माहौल से जूझ रहा था। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की गिनती कमजोर अर्थव्यवस्थाओं के समूह में की जाती थी। हालांकि, पिछले एक दशक में लागू किए गए साहसिक आर्थिक सुधारों, बुनियादी ढांचे के अभूतपूर्व विस्तार और पारदर्शी व्यवस्था के चलते आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूती से खड़ा है और तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।
सांस्कृतिक और धरोहरों का संरक्षण
अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम का जीर्णोद्धार इस बात के प्रमाण हैं कि भारत अपनी जड़ों से जुड़कर आधुनिकता की ओर कदम बढ़ा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर बोलते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि देश ने आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार देखा है। नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद को सीमित कर अंतिम सांसों पर धकेल दिया गया है। जो आतंकवाद कभी आम नागरिकों के मन में भय का कारण बनता था, उस पर निर्णायक कार्रवाई कर जनता के भीतर सुरक्षा और विश्वास का नया माहौल पैदा किया गया है।