प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक
बैठक का आरंभ
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण सभा में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करना है।
बैठक की थीम
इस बार की बैठक की थीम 'विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास' रखी गई है। केंद्र सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों, क्षेत्रों और आयु समूहों तक पहुंचे। इस बैठक में मानव विकास, रोजगार सृजन, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, पोषण, डिजिटल गवर्नेंस और सामाजिक समानता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
Chairing the 11th meeting of the Governing Council of NITI Aayog.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 11, 2026
Guided by the spirit of cooperative federalism, we are working together to accelerate India’s development journey. The collective efforts of the Centre and States will play a pivotal role in realising our shared… pic.twitter.com/xh7nFX8qyH
बैठक में चर्चा के प्रमुख बिंदु
बैठक में राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। नीति आयोग का मानना है कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है जब सभी राज्य अपने विकास विजन को राष्ट्रीय विकास एजेंडे के साथ जोड़कर आगे बढ़ें। इस दिशा में विभिन्न राज्यों से सुझाव और अनुभव साझा किए जा रहे हैं।
बैठक की विशेषताएँ
इस बैठक की एक विशेष बात यह है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय पहली बार नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए हैं। इसके अलावा, केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन भी पहली बार इस मंच का हिस्सा बने हैं।
राजनीतिक हलकों में इन नए मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति को विशेष महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद, डी.के. शिवकुमार ने केंद्र सरकार के साथ सहकारी संघवाद की भावना से काम करने की बात कही थी, जिसे राज्य और केंद्र के संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अन्य विचार-विमर्श
बैठक में दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी चर्चा की जा रही है। इन सिफारिशों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और विकास परियोजनाओं को तेजी से लागू करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुझावों को प्रभावी रूप से लागू किया गया तो देश के विकास की गति को और बढ़ावा मिल सकता है।