प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में इस्तीफों का दौर जारी
कैबिनेट में बदलाव की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में मंत्रियों के इस्तीफों का सिलसिला जारी है। विभिन्न कारणों से मंत्री अपने पद छोड़ रहे हैं, और कुछ और इस्तीफों की प्रतीक्षा की जा रही है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा विशेष परिस्थितियों में हुआ है, जिसे यूपीए-2 के खेल मंत्री सुरेश कलमाड़ी के इस्तीफे से जोड़ा जा रहा है। कलमाड़ी को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते इस्तीफा देना पड़ा था।
धर्मेंद्र प्रधान पर जिम्मेदारी निभाने में अक्षमता के आरोप लगे हैं, खासकर जब उनके कार्यकाल में दो बार नीट यूजी का पेपर लीक हुआ। इस साल के पेपर लीक के कारण 21 छात्रों की जान गई, जिसके बाद छात्रों के दबाव में उनका इस्तीफा हुआ।
प्रधान के इस्तीफे से पहले केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा भी स्वीकार किया गया। बिट्टू ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन चुनाव हार गए। हाल ही में उन्हें राज्यसभा में जगह नहीं मिली।
इसके अलावा, दो और मंत्रियों के इस्तीफे की उम्मीद है। केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली में संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों सांसद हैं और जल्द ही इस्तीफा देंगे।
माना जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद मोदी सरकार में बड़ा फेरबदल होगा। पिछले दो वर्षों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, और अब तक पांच मंत्री पद खाली हो चुके हैं। पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम भी इस फेरबदल के कारण नहीं बन पा रही है।