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प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर देशभर में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर देशभर में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 500 से अधिक स्थानों पर दीये जलाए गए, जिसमें अहमदाबाद में 76 हजार दीये जलाए गए। बिहार, दिल्ली, असम और मध्य प्रदेश में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। जानें इस दिन की खास गतिविधियों और उनके धार्मिक महत्व के बारे में।
 

प्रधानमंत्री मोदी का 76वां जन्मदिन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन 17 सितंबर को मनाया गया, जिसमें देशभर में 500 से अधिक स्थानों पर 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे 'सेवा दिवस' के रूप में मनाते हुए एक महीने तक चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत की।


निजामुद्दीन दरगाह पर दीये जलाए गए

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में दीये जलाने की अपील की गई थी। इसी क्रम में दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह पर भी दीये जलाए गए।


अहमदाबाद में 76 हजार दीये जलाए गए

अहमदाबाद में बुधवार रात को 76 हजार दीये एक साथ जलाए गए। इस अवसर पर मां उमिया की महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोग प्रधानमंत्री मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना कर रहे थे। दीयों की संख्या 76 रखी गई, जो पीएम मोदी की उम्र का प्रतीक है। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित लगभग पांच हजार लोग शामिल हुए।


बिहार में सीएम सम्राट चौधरी ने जलाए दीये

बिहार में जेपी गंगा पथ पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी और दीघा विधायक संजीव चौरसिया भी उपस्थित थे।


दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने दीये जलाए

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में भाग लिया और स्वयं दीये जलाए।


असम में भी जलाए गए दीये

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर असम में भाजपा और युवा मोर्चा ने गुवाहाटी में दीये जलाए।


एमपी में भी दीये जलाए गए

उज्जैन के रामघाट पर 25 लाख दीप जलाए गए। बिहार, असम, जबलपुर (नर्मदा तट) और अन्य राज्यों में भी विशेष दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए गए।


दीप जलाने का धार्मिक महत्व

हिंदू परंपरा में दीप को प्रकाश, ज्ञान और मंगल का प्रतीक माना जाता है। पूजा की शुरुआत में दीप जलाने का अर्थ है कि मन का अंधेरा दूर हो और जीवन में शुभता आए। बृहदारण्यक उपनिषद की प्रार्थना 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' का अर्थ है, मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। यह मंत्र जन्मदिन पर दीप जलाने की विधि नहीं बताता, बल्कि भारतीय दर्शन में प्रकाश को ज्ञान और कल्याण से जोड़ता है।