☰
×

प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु में नवरात्रि के अवसर पर युवाओं को प्रेरित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में युवाओं को 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा इस दृष्टिकोण को साकार करने की इच्छा रखता है और उन्हें विश्वास है कि यह सपना साकार होगा। मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में भारत की प्रगति और खेलों में बढ़ते स्तर का भी उल्लेख किया। उनका संबोधन युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश था, जिसमें उन्होंने सेवा और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को भी रेखांकित किया।
 

प्रधानमंत्री का संबोधन

चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन शिव और शक्ति की पवित्र भूमि तमिलनाडु में आना उनके लिए एक विशेष अनुभव है।


उन्होंने कहा कि युवा साथियों का उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा उन्हें प्रेरित कर रही है। उन्हें युवाओं की आंखों में भारत के भविष्य की झलक दिखाई दे रही है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का युवा 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने की इच्छा रखता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने भविष्य को एक बड़े कैनवस पर देखें, क्योंकि यह उनका समय और अवसर है।


उन्होंने कहा कि दुनिया समाधान की तलाश में है और युवाओं में इसे प्रदान करने की क्षमता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सपना साकार होगा और हम इसे मिलकर पूरा करेंगे।


प्रधानमंत्री ने विश्व हिंदू विद्या केंद्र के गोल्डन जुबली का जिक्र करते हुए कहा कि यह मील का पत्थर प्रेरणादायक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने जयगोपाल गरोडिया जी के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने विद्यालय के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


उन्होंने बताया कि विद्यालय की शुरुआत केवल 7 छात्रों के साथ हुई थी, लेकिन दृढ़ इच्छा शक्ति और सेवा भावना के कारण यह संस्थान आगे बढ़ता रहा।


उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करना इस संस्थान का उद्देश्य है। उन्होंने गिरिजा अम्मा के उदाहरण का उल्लेख किया, जिन्होंने बच्चों को एक रुपये बचाने का सुझाव दिया, जिससे 40 लाख रुपये जुटाए गए।


प्रधानमंत्री ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट किया। उन्होंने बताया कि तिरुक्कुरल जीवनभर सीखने की प्रेरणा देता है।


उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षा का परिदृश्य बदल रहा है। 2014 में 750 विश्वविद्यालय थे, जो अब 1,300 से अधिक हो गए हैं। कॉलेजों की संख्या भी बढ़कर 52,000 से अधिक हो गई है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में खेलों का स्तर भी बढ़ रहा है और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी चल रही है।