प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में वैश्विक संकट पर चर्चा की
प्रधानमंत्री मोदी का मासिक कार्यक्रम
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो शो 'मन की बात' के 132वें एपिसोड में वैश्विक संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने मार्च महीने को उथल-पुथल भरा बताया और कहा कि दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पीएम ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के लिए सुरक्षा और सहायता की व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही, उन्होंने देशवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने का आग्रह किया।
मार्च में वैश्विक तनाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद उम्मीद थी कि दुनिया तेजी से विकास की ओर बढ़ेगी, लेकिन मार्च में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव और संघर्ष ने वैश्विक स्थिति को अस्थिर कर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से पश्चिम एशिया में गंभीर संघर्ष जारी है, जो ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता पर प्रभाव डाल सकता है।
खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा
पीएम मोदी ने खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग 1 करोड़ भारतीयों की चिंता व्यक्त की और कहा कि उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने खाड़ी देशों का धन्यवाद करते हुए बताया कि वहां भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता दी जा रही है, जिससे उनके परिवारों का भरोसा बना हुआ है।
अफवाहों से बचें
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को केवल सरकारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखना चाहिए और संयम बनाए रखना चाहिए।
भारत की तैयारियां और एकजुटता
पीएम मोदी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल और अन्य आपूर्ति संकट की आशंका के बावजूद भारत पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ देशवासी मिलकर इस वैश्विक चुनौती का सामना करेंगे। उन्होंने देशवासियों से सतर्क, संयमित और सरकार की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की, ताकि संकट से मजबूती से बाहर निकला जा सके।