प्रमिला जयपाल ने भारत में मतदाता सूची से नाम हटाने पर जताई चिंता
प्रमिला जयपाल की चिंता
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 15 अक्टूबर - भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने हाल ही में भारत में मतदाता सूची से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने की खबरों पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "भारत सरकार द्वारा 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं।" यह किसी अमेरिकी सांसद द्वारा इस मुद्दे पर की गई पहली टिप्पणी है।
वाशिंगटन राज्य से डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद जयपाल ने भारत में 'लोकतंत्र विरोधी प्रयासों' का सामना करने के लिए चल रहे अहिंसक विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे घटनाक्रम अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा लोकतंत्र में मतदान के अधिकारों को कमजोर करने के लिए अपनाए जा रहे तरीकों के समान प्रतीत होते हैं।
जयपाल ने यह भी कहा कि लोकतंत्र की रक्षा हर जगह आवश्यक है और भारतीय नागरिकों को भी अमेरिकियों की तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसे समय में अहिंसक प्रतिरोध आंदोलन बेहद जरूरी हैं। मैं भारत में लोकतंत्र विरोधी प्रयासों का मुकाबला करने के लिए अहिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे भारतीय लोगों के साथ खड़ी हूं।"
भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले और दूसरे चरण के दौरान लगभग 7.2 करोड़ नाम हटाए गए। एसआईआर के तीसरे चरण में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूचियां प्रकाशित की गई हैं, जिसमें हटाए गए मतदाताओं की संख्या 6.16 करोड़ है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से छूट गया है, तो वह दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद वह फॉर्म छह के माध्यम से भी नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकता है।