प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
नई दिल्ली में प्रल्हाद जोशी का नया कार्यभार
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। शनिवार को उन्होंने पद ग्रहण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। जोशी ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वे शिक्षा क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए अपनी पूरी क्षमता से काम करेंगे।
प्रल्हाद जोशी का विश्वास और सम्मान
पद ग्रहण के बाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन पर विश्वास जताते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। यह उनके लिए गर्व की बात है और वे इस विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम करेंगे और देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
#WATCH | Delhi | On being given the additional charge of the Education Ministry, Union Minister Pralhad Joshi says, "The Prime Minister has placed his trust in me and has entrusted me with such a significant responsibility. With complete humility and a strong sense of… pic.twitter.com/Cx578k4oEb
— News Media (@NewsMedia) July 25, 2026
जोशी का संबोधन और शिक्षा सुधार
अपने संबोधन में और क्या कहा?
जोशी ने अपने संबोधन में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
छात्रों के हितों पर जोर
छात्रों को लेकर क्या कहा?
प्रल्हाद जोशी ने कहा कि वे धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की गति को बनाए रखेंगे। उन्होंने छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
यह ध्यान देने योग्य है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। प्रधान ने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच अपना इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए और आंदोलन का दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से उन्होंने यह फैसला लिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी।