×

प्रियंका गांधी का महिला आरक्षण पर जोरदार बयान: क्या है परिसीमन का सच?

प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया। प्रियंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि महिलाएं आसानी से पहचान लेती हैं कि कौन उन्हें बहका रहा है। उन्होंने ओबीसी वर्ग के अधिकारों की चिंता जताई और चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक परिसीमन के साथ पारित होता है, तो यह लोकतंत्र पर बड़ा हमला होगा। जानें इस महत्वपूर्ण बहस के बारे में और क्या है प्रियंका का दृष्टिकोण।
 

महिला आरक्षण पर प्रियंका गांधी का बयान


नई दिल्ली: कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जो वायनाड से सांसद हैं, ने लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। प्रियंका ने कहा कि सरकार इस प्रक्रिया का उपयोग बहाने के रूप में कर रही है।


प्रधानमंत्री पर सीधा हमला

प्रियंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा तंज करते हुए कहा, "महिलाएं आसानी से पहचान लेती हैं कि कौन पुरुष बार-बार बहकाने की कोशिश कर रहा है।" यह टिप्पणी सदन में चर्चा का विषय बन गई।


परिसीमन पर उठाए सवाल

प्रियंका ने कहा कि विधेयक के प्रारूप में कोई समस्या नहीं है, लेकिन असली मुद्दा परिसीमन का है, जो प्रतिनिधित्व से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि 2023 में जब मूल विधेयक पेश हुआ था, तब कांग्रेस ने उसका समर्थन किया था। आज भी महिला आरक्षण पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन नए संशोधन का कांग्रेस विरोध करती है।


उन्होंने विधेयकों की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री घबरा रहे हैं क्योंकि नई जनगणना से ओबीसी के सही आंकड़े सामने आएंगे, जिससे उनके अनुपात में आरक्षण देना पड़ेगा। इसलिए 2011 की जनगणना को आधार बनाकर ओबीसी वर्ग का हक छीना जा रहा है।


लोकतंत्र पर खतरा

प्रियंका ने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक परिसीमन के साथ पारित होता है, तो यह लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला होगा। उन्होंने कहा, "इस देश में लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि बिल की गहराई में राजनीति की गंध है, भले ही पीएम कहें कि इसमें कोई राजनीतिक लाभ नहीं है।


2023 के बिल में नई जनगणना का उल्लेख था, लेकिन अब वह गायब है। प्रियंका ने पूछा, "इतनी जल्दबाजी क्यों? पीएम किस बात से घबरा रहे हैं?" उन्होंने अमित शाह पर भी तंज कसा और कहा कि अगर वह चाणक्य होते, तो शर्मिंदा होते।


ओबीसी वर्ग के अधिकारों की चिंता

प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि ओबीसी वर्ग को उनका हक मिलना चाहिए। पीएम ने इसे हल्के में लिया, लेकिन यह मुद्दा हल्का नहीं है। कांग्रेस इन तीनों विधेयकों का कड़ा विरोध करती है और डटकर खड़ी रहेगी।


यह बहस संसद के विशेष सत्र में हुई, जहां महिला आरक्षण को लोकसभा सीटों के विस्तार से जोड़ा गया है। प्रियंका का भाषण विपक्ष की मजबूत आवाज के रूप में उभरा है।