फारूक अब्दुल्ला के बयान पर राजनीतिक विवाद: भाजपा ने मांगी माफी
फारूक अब्दुल्ला का विवादास्पद बयान
बारामूला - नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। बारामूला में एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि कश्मीरी पाकिस्तान की वजह से सुरक्षित हैं, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाता रहता है। भाजपा ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माफी की मांग की है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भाजपा नेता युद्धवीर शेट्टी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे निंदनीय करार देते हुए आरोप लगाया कि अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को कश्मीरियों का हितैषी बताकर देश के खिलाफ बयान दिया है। शेट्टी ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग
सम्मेलन में, फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने और अनुच्छेद 370 को फिर से लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की मांग करना देश के खिलाफ नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर जम्मू-कश्मीर की विशिष्ट पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी इन मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।
एकजुटता और आत्मनिर्भरता पर जोर
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने लोगों से एकजुट रहने और आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक लोग आत्मनिर्भर नहीं बनेंगे, तब तक उन्हें सम्मान नहीं मिलेगा। उन्होंने सामूहिक एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि बिना एकजुटता के कोई लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
युवाओं और राजनीतिक दलों पर सवाल
फारूक अब्दुल्ला ने नई पीढ़ी के इतिहास से अपरिचित होने की बात कही। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील की और मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग का जिक्र किया। इसके अलावा, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नए राजनीतिक दलों के गठन पर भी सवाल उठाए।
भाजपा पर बुलडोजर कार्रवाई का आरोप
फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि लोगों की बस्तियां उजाड़ी जा रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर की पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।