फिलीपींस के रक्षा सचिव ने चीन को दिया करारा जवाब, साउथ चाइना सी विवाद पर चर्चा
दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में आयोजित एक महत्वपूर्ण मंच पर, फिलीपींस के रक्षा सचिव गिलबर्टो टोडेरो ने चीन के खिलाफ करारा जवाब दिया। उन्होंने साउथ चाइना सी विवाद पर चर्चा करते हुए चीन द्वारा भेजे गए एक नोट को पढ़ा, जिसमें 2016 के अंतरराष्ट्रीय फैसले को अवैध बताया गया था। गिलबर्टो ने चीन की दलीलों को पलटते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के मुद्दे पर सवाल उठाए। यह घटना न केवल चीन के लिए अपमानजनक थी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गई।
Sep 9, 2026, 10:42 IST
सोल में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा
दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में विभिन्न देशों के रक्षा अधिकारियों का एक महत्वपूर्ण मंच स्थापित हुआ। इस मंच पर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री चुनौतियों पर चर्चा की जा रही थी। फिलीपींस के रक्षा सचिव गिलबर्टो टोडेरो भी इस कार्यक्रम में शामिल थे, जहां उन्होंने अपने देश के सामने मौजूद समुद्री खतरों पर प्रकाश डाला। इसी दौरान, दर्शकों की ओर से उन्हें एक नोट सौंपा गया, जिसमें कहा गया था कि 2016 में साउथ चाइना सी से संबंधित अंतरराष्ट्रीय निर्णय अवैध है। चीन इस फैसले को मान्यता नहीं देता और इसे बेअसर मानता है। गिलबर्टो ने उस नोट को पढ़ा और चीन को उसी के शब्दों में जवाब दिया, जिससे यह मामला सुर्खियों में आ गया। यह एक ऐसा पल था जब चीन को इस तरह की बेइज्जती का सामना करना पड़ा।
चीन के नोट का प्रभाव
गिलबर्टो ने सोल डिफेंस डायलॉग में अंतरराष्ट्रीय कानून और साउथ चाइना सी में अपने देश की सुरक्षा पर चर्चा की। इसी दौरान उन्हें चीन की ओर से एक नोट दिया गया। चीन ने सोचा होगा कि इस नोट के माध्यम से वह गिलबर्टो को निर्देशित कर सकेगा, लेकिन यह योजना उलट गई। गिलबर्टो ने उस नोट को मंच पर पढ़ना शुरू कर दिया और चीन को बेइज्जती का सामना करना पड़ा। चीन ने कहा था कि साउथ चाइना सी ऑर्बिट्रेशन के मामले में उसकी स्थिति स्पष्ट है और 2016 का निर्णय अवैध है। गिलबर्टो ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन को पहली बार घेरा।
गिलबर्टो का जवाब
गिलबर्टो ने पहले चीन के नोट को पढ़ा और फिर कहा कि यदि आप यह मानते हैं कि ऑर्बिट्रेशन अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है, तो क्या आप यह कहना चाहते हैं कि आपने जिस दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं, वह भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है? इस तरह उन्होंने चीन की दलील को पलट दिया। इसके बाद, नोट में कहा गया कि 2016 के फैसले की कोई वैधता नहीं है। गिलबर्टो ने उत्तर दिया कि क्योंकि आप यूएन क्लॉज़ के अधीन नहीं होना चाहते और नोट में चीन ने इस फैसले को स्वीकार नहीं किया है।