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बंगाल में पीए हत्या मामले में पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से संदिग्धों को पकड़ा गया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। जानें इस हत्या के पीछे की कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

कोलकाता: सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या का मामला

कोलकाता: बंगाल में चुनाव परिणामों के दो दिन बाद सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अब जब सुवेंदु राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके हैं, पुलिस ने इस हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है और बिहार से दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया है। पुलिस ने इनसे पूछताछ शुरू कर दी है और उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा होगा।

4 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए थे, जिसमें बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की। राज्य के बीजेपी कार्यकर्ता अभी जश्न मना रहे थे कि 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम में नकाबपोश हमलावरों ने चंद्रनाथ की एसयूवी को रोककर उनकी हत्या कर दी। चंद्रनाथ, सुवेंदु अधिकारी के पीए थे, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया और लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की।


सुवेंदु अधिकारी का बयान

पीए की हत्या पर क्या कहा था सुवेंदु ने?

अपने पीए की हत्या के बाद, सुवेंदु ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया था और कहा था कि सरकार बनने के बाद अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। अब जब उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है, तब यूपी के बलिया से एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी हुई है।

चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में यूपी के बलिया के राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी हिरासत में लिया है।


पुलिस की जांच में मिली सफलता

Kolakata PA Murder Case Accused Social Media

इस एक गलती की वजह से पुलिस ने अपराधियों को दबोचा

पुलिस के अनुसार, शूटरों ने वारदात के बाद भागते समय बाली टोल प्लाजा पर यूपीआई के माध्यम से टोल टैक्स का भुगतान किया, जिससे पुलिस उनके मोबाइल नंबर तक पहुंच गई। इसी ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रैक कर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। टोल प्लाजा पर लगे हाई डेफिनिशन कैमरों ने आरोपियों के चेहरे को भी कैद कर लिया, जिससे उनकी गिरफ्तारी संभव हुई।


आरोपियों की योजना

पुलिस को चकमा देने के लिए बदमाशों ने की थी फूल प्रूफ प्लानिंग

हत्याकांड में शामिल आरोपियों ने पुलिस को धोखा देने के लिए एक सिल्वर रंग की हैचबैक कार पर सिलीगुड़ी की असली कार की फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधियों ने ऑनलाइन सेल पोर्टल से एक कार की फोटो देखकर उसकी क्लोन नंबर प्लेट तैयार की थी। लेकिन पुलिस ने उनकी योजना को विफल कर दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस का बयान

आरोपियों की गिरफ़्तारी पर पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस के अनुसार, बलिया से गिरफ्तार राज सिंह उर्फ चंदन इस घटना का मुख्य आरोपी है। वह क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। राज सिंह पर 2020 में एक अंडा व्यवसायी की हत्या का आरोप है और वह इस मामले में जमानत पर था। उसके सोशल मीडिया पर कई बड़े नेताओं के साथ फोटो भी मौजूद हैं। राज सिंह बलिया के एक भाजपा नेता की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गया था, जहां से लौटते समय उसे अयोध्या में गिरफ्तार किया गया।