बंगाल में बागेश्वर धाम विवाद: कांग्रेस नेता को पुलिस ने भेजा नोटिस
पश्चिम बंगाल में बागेश्वर धाम का विवाद
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री द्वारा दुर्गा पूजा पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया है, जो अब पुलिस कार्रवाई का कारण बन गया है। कांग्रेस के राज्य महासचिव आशुतोष चटर्जी को भवानीपुर पुलिस ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। यह मामला बागेश्वर बाबा के पोस्टर जलाने से संबंधित बताया जा रहा है।
आशुतोष चटर्जी ने बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे पुलिस से नोटिस प्राप्त हुआ। नोटिस में उन्हें शाम 3 बजे तक थाने पहुंचकर जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। उन्होंने इस मामले की जानकारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार को भी दी है। इससे पहले, कांग्रेस के कोलकाता जिला कमेटी के महासचिव अतनु दास को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान से शुरू हुआ विवाद
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बंगाल दौरे के दौरान दुर्गा पूजा के अवसर पर मांसाहारी भोजन से बचने की अपील की थी। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियों से बंगालियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है। इसके बाद भवानीपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बागेश्वर बाबा के पोस्टर जलाए, जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया
इस विवाद के बीच, बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पोस्टर जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी संत को अपनी राय रखने का अधिकार है और इसे मानना या न मानना लोगों की व्यक्तिगत पसंद है। शुभेंदु अधिकारी ने पोस्टर जलाने की घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
इसके अलावा, शुभेंदु अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से मछली का सेवन किया और कहा कि किसी संत की निजी धार्मिक राय को सभी पर लागू नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि जो लोग उस राय को मानना चाहते हैं, वे मान सकते हैं, लेकिन जो नहीं मानना चाहते, उन्हें बाध्य नहीं किया जा सकता। फिलहाल, पुलिस पोस्टर जलाने की घटना और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।