बजट सत्र से पहले महा विकास अघाड़ी में मतभेद उभरे
बजट सत्र की पूर्व संध्या पर विवाद
मुंबई में बजट सत्र की शुरुआत से पहले महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों के बीच मतभेद उभरकर सामने आए हैं। एनसीपी (शरद पवार) के नेता एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे विपक्षी गठबंधन को एक बड़ा झटका लगा। यह बैठक रणनीति तैयार करने और महायुति सरकार पर हमले के लिए आयोजित की गई थी।
एनसीपी की अनुपस्थिति से एमवीए को झटका
एनसीपी (एसपी) के नेताओं की अनुपस्थिति ने एमवीए को असहज स्थिति में डाल दिया। सरकार ने विपक्ष की चाय पार्टी का बहिष्कार किया और कई मुद्दों पर तीखा हमला किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष की एकता पर सवाल उठाए।
बैठक में एनसीपी का न आना
रविवार को शिवसेना (यूबीटी) कार्यालय में आयोजित बैठक में एनसीपी (एसपी) के नेता उपस्थित नहीं थे। सूत्रों के अनुसार, राज्या सभा चुनावों पर सहयोगियों के बयानों से नाराजगी इसके पीछे का कारण थी। एमवीए ने इसे संचार की कमी बताया और कहा कि कुछ नेता दूर थे, जबकि अन्य काम में व्यस्त थे। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में महायुति की आलोचना की गई।
महायुति पर हमले की शुरुआत
एमवीए ने सरकार की अहंकार और गरिमा की कमी पर निशाना साधा। विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति न होने पर सवाल उठाए गए। अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत पर सरकार के अस्पष्ट रुख की भी आलोचना की गई। एसीबी छापेमारी, शक्तिपीठ महामार्ग की लागत वृद्धि और अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन-मक्का कीमतों में गिरावट जैसे मुद्दे उठाए गए। किसानों की आत्महत्या पर चिंता व्यक्त की गई।
मुलुंड हादसा और कृषि मुद्दे
आदित्य ठाकरे ने मुलुंड में मेट्रो साइट पर हुए हादसे की निंदा की, जहां ऑटोरिक्शा पर पैरापेट गिरने से दो लोगों की जान गई। मुआवजे को महज पांच लाख बताया गया और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के बोझ तले आम आदमी के कुचले जाने पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कृषि उत्पादों की गिरती कीमतों पर सरकार को घेरा।
सरकार का जवाब
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष पर पलटवार किया। फडणवीस ने कहा कि विपक्ष ने चाय पार्टी का बहिष्कार किया, लेकिन एनसीपी (एसपी) के नेता बैठक में भी नहीं थे। उन्होंने पूर्व विधायक के हस्ताक्षर पर सवाल उठाए और विपक्ष को जनादेश का अपमान बताते हुए आलोचना की। सत्र में 15 विधेयक पेश होंगे और बजट संतुलित रहेगा।