बरजिंदर सिंह बराड़ का SAD पुनर्सुरजीत से इस्तीफा, गंभीर आरोपों का खुलासा
बरजिंदर सिंह बराड़ का इस्तीफा
मोगा: शिरोमणि अकाली दल (पुनर्सुरजीत) के नेता बरजिंदर सिंह बराड़ ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया पर की। इसके साथ ही, बराड़ ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह इयाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि ये दोनों केंद्रीय एजेंसियों और पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के साथ मिलकर पंथ और पंजाब को गुमराह कर रहे हैं। उनके इस कदम ने पंजाब की राजनीतिक स्थिति में हलचल मचा दी है।
पर्दे के पीछे की साजिश
बराड़ ने अपनी पोस्ट में कहा कि कुछ लोगों ने श्री अकाल तख्त साहिब के नाम पर कौम को भावुक करके एक बड़ी साजिश रची थी, जिसे बाद में शिरोमणि अकाली दल (पुनर्सुरजीत) का नाम दिया गया। उन्होंने बताया कि समय के साथ उन्हें उन खतरनाक खेलों का पता चला जो पंथ और पंजाब से छिपाए जा रहे थे। बराड़ का आरोप है कि केंद्रीय ताकतों ने पंथ की नुमाइंदा जत्थेबंदी को खत्म करने के लिए यह साजिश रची थी, जिसमें पंजाब की आप सरकार भी शामिल है।
मनप्रीत सिंह इयाली पर आरोप
बराड़ ने मनप्रीत सिंह इयाली पर सीधा हमला करते हुए कहा कि इयाली ने पंथक परिवार से होने के बावजूद उन्हें इस जाल में फंसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इयाली केवल शिरोमणि अकाली दल के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, लेकिन मौजूदा सरकारों के खिलाफ चुप रहते हैं। बराड़ ने यह भी बताया कि इयाली ने उन्हें बताया था कि उन्हें पंजाब में डिप्टी सीएम बनने का प्रस्ताव मिला है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर गंभीर आरोप
बराड़ ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह के बारे में कहा कि उन्होंने अकाली दल को केंद्रीय एजेंसियों के इशारे पर खत्म करने का प्रयास किया है। उनका आरोप है कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह केवल वही करते हैं जो उन्हें दिल्ली से निर्देश मिलता है। अंत में, बराड़ ने कहा कि वे पार्टी में रहते हुए इन सब घटनाओं को देख रहे थे, लेकिन अब उनकी जमीर उन्हें यह सब छिपाने की अनुमति नहीं देती। उन्होंने वादा किया कि वे पंथ की कचहरी में सभी सबूतों के साथ सच सामने लाएंगे।