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बसपा में बड़ा बदलाव: मायावती ने दो नेताओं को निष्कासित किया

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अनुशासनहीनता के आरोप में पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनकी वापसी अब संभव नहीं है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और पार्टी की नीति का पालन करें। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में अधिक जानकारी।
 

बसपा सुप्रीमो का कड़ा कदम


नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने अपने समधी आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ तथा पार्टी नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इन दोनों की पार्टी में वापसी नहीं होगी। मायावती ने कहा कि दोनों नेताओं पर अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप लगे थे।


अनुशासनहीनता के आरोप

मायावती ने रविवार को एक बयान में कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र में पार्टी की जिम्मेदारी के दौरान तालमेल की कमी और अनुशासनहीनता के कारण हटाया गया था। उन्हें फिर से मौका दिया गया था, लेकिन अन्य राज्यों में भी उन्होंने अपेक्षित कार्य नहीं किया।


1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में खा़सकर पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर बी.एस.पी. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आदि के साथ सही से तालमेल करके नहीं चलने की वजह से अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर…

— Mayawati (@Mayawati) August 2, 2026



तत्काल प्रभाव से निष्कासन

उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी लगातार शिकायतें मिलती रहीं। कई चेतावनियों के बावजूद सुधार न होने पर उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और अब उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।


मायावती ने यह भी कहा कि अशोक सिद्धार्थ के उत्तर प्रदेश में दोबारा सक्रिय होने की खबरें भ्रामक हैं, जो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम फैलाने का प्रयास हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी में वापसी अब संभव नहीं है।


रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी कार्रवाई

बसपा प्रमुख ने रणधीर सिंह बेनीवाल के खिलाफ भी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्हें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता की शिकायतें आईं। इसलिए उन्हें भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।


रामजी गौतम को पुनः जिम्मेदारी

इसके अलावा, बसपा सुप्रीमो ने राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को पुनः पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। वह आगामी विधानसभा चुनाव तक संगठन की जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों से सतर्क रहें और विरोधी दलों के दुष्प्रचार का हिस्सा न बनें।