बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार चयन पर उठे सवाल
भाजपा में उम्मीदवार चयन पर विवाद
पटना से लेकर दिल्ली तक यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए भाजपा ने उम्मीदवार बदलने के बाद नितिन नबीन को बधाई देने में इतना समय क्यों लगा। पहले पार्टी ने अभिषेक सिन्हा उर्फ बंटी को उम्मीदवार घोषित किया था, जिनको नितिन नबीन ने तुरंत बधाई दी। लेकिन जब विवाद के चलते अभिषेक की टिकट रद्द कर दी गई, तब नीरज कुमार सिन्हा का नाम सामने आया। नीरज का नाम शुक्रवार को शाम चार बजे के करीब घोषित किया गया, लेकिन नितिन नबीन ने उन्हें बधाई देने में शनिवार को दो बजे तक का समय लिया। इस देरी ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया है।
नीरज कुमार सिन्हा का चयन नितिन नबीन को पसंद नहीं आया है। कहा जा रहा है कि इस नाम पर उनकी सहमति नहीं ली गई, जबकि बांकीपुर उनकी पारंपरिक सीट है। यहां से उनके पिता और खुद नितिन नबीन ने कई बार चुनाव जीते हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने पहले उन्हें उम्मीदवार चुनने के लिए कहा था, जिसके बाद उन्होंने अभिषेक का नाम प्रस्तावित किया। लेकिन अभिषेक के माता-पिता को चारा घोटाले में सजा हो चुकी थी, जिससे पार्टी ने नया उम्मीदवार चुनने का निर्णय लिया। अभिषेक की टिकट रद्द होने के बाद उनके पिता रविंद्र सिन्हा भी नाराज हैं और भाजपा के प्रदेश नेताओं पर आरोप लगा रहे हैं कि उनके खिलाफ साजिश की गई है।