बांग्लादेश की राजनीति में शेख हसीना की नई भूमिका और सरकार पर सवाल
शेख हसीना का बयान
बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति में हालिया उथल-पुथल के बीच, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर से सक्रियता दिखाई है। भारत में रहकर, उन्होंने द संडे गार्डियन को दिए एक साक्षात्कार में ढाका की वर्तमान सरकार और प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नीतियों पर तीखा हमला किया। हसीना ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ संबंध बनाना केवल दिल्ली पर कोई एहसान नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश के लिए आवश्यक है। उन्होंने तारिक रहमान और मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए और बताया कि बांग्लादेश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उनका मुख्य निशाना उन लोगों पर था जो भारत-बांग्लादेश संबंधों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
बीएनपी सरकार पर सवाल
शेख हसीना ने भारतीय मीडिया के साथ अपने पहले फोन साक्षात्कार में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार के उस निर्णय पर सवाल उठाए, जिसमें उनके प्रत्यर्पण को प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई दिल्ली यात्रा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि वह दिसंबर तक स्वदेश लौटने की योजना बना रही हैं। एक गुप्त स्थान से हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए, हसीना ने बीएनपी सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए, जिसमें चीन से 2.3 अरब डॉलर के लड़ाकू विमानों की खरीद का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश बिजली, गैस की कमी, खाद्य संकट और महंगाई से जूझ रहा है।
हसीना का अंतरराष्ट्रीय मंच पर बयान
बांग्लादेश सरकार का कहना है कि 5 अगस्त को भारतीय भूमि से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यात्रा की तैयारियों को प्रभावित किया है। हसीना ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि तारिक रहमान ने 2007 में ब्रिटेन जाने के बाद राजनीति से दूर रहने का वचन दिया था, लेकिन उन्होंने लंदन से अपनी पार्टी की गतिविधियों में भाग लिया।
अवामी लीग के नेताओं पर हमले
हसीना ने अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रहे हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में शुरू हुई यह हिंसा अब भी जारी है। उन्होंने रंगपुर में एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या और बोगुरा में पार्टी के एक युवा सदस्य की हत्या का उदाहरण दिया। हसीना ने कहा कि हर दिन पार्टी के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है, और ऐसे हालात में उनके प्रत्यर्पण की शर्त कैसे रखी जा सकती है, यह समझ से परे है।