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बांग्लादेश में शेख हसीना की वापसी की घोषणा पर मीडिया सेंसरशिप का साया

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश लौटने की घोषणा की है, जिससे वर्तमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चिंता बढ़ गई है। इस बीच, सरकार ने मीडिया को हसीना के बयानों को प्रकाशित करने से रोकने के लिए आदेश जारी किया है। जानें इस राजनीतिक स्थिति का क्या प्रभाव पड़ सकता है और हसीना की सुरक्षा को लेकर क्या चिंताएं हैं।
 

बांग्लादेश में मीडिया पर सेंसरशिप का नया अध्याय


बांग्लादेश में मीडिया सेंसरशिप: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की घोषणा की है, जिससे वर्तमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। उनकी सरकार ने मीडिया को हसीना के बयान को प्रकाशित करने से रोकने के लिए आदेश जारी किया है, जो इस बात का संकेत है कि वे अपनी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।


हसीना को पहले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपदस्थ किया गया था, जिसके बाद उन्हें निर्वासन में रहना पड़ा। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने बांग्लादेश लौटने की इच्छा व्यक्त की, जिससे रहमान की चिंता बढ़ गई है। उनकी सरकार ने हसीना के किसी भी बयान या इंटरव्यू के प्रसारण पर अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का पालन करने के निर्देश दिए हैं।


सरकार ने सभी मीडिया प्लेटफार्मों को चेतावनी दी है कि वे अदालत के आदेशों का उल्लंघन न करें। शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया कि 2024 में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने हसीना के बयानों के प्रसारण पर रोक लगाई थी। इसके अलावा, जिन व्यक्तियों को अदालत ने दोषी ठहराया है, उनके बयानों के प्रसारण पर भी कानूनी प्रतिबंध लागू हैं।


शेख हसीना की संभावित वापसी


यह कदम तब उठाया गया जब हसीना के इंटरव्यू को कई मीडिया संस्थानों ने प्रकाशित किया। इसके बाद सरकार ने मीडिया को नए निर्देश जारी किए। लंदन में रहने वाले वरिष्ठ बांग्लादेशी पत्रकार सैयद बदरुल अहसान ने कहा कि हसीना की वापसी का संकल्प दर्शाता है कि वे अभी भी देश की प्रमुख राजनीतिक नेता हैं। उन्होंने कहा कि यदि हसीना लौटती हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होगी।


जानलेवा हमलों का सामना कर चुकी हैं हसीना


सैयद बदरुल अहसान ने याद दिलाया कि हसीना पहले भी कई जानलेवा हमलों का शिकार हो चुकी हैं, जैसे 1988 में चटगांव में और 2004 में ढाका में हुए ग्रेनेड हमले में। ऐसे में उनकी संभावित वापसी के समय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। बांग्लादेश में हसीना से जुड़े मामलों और उनके बयानों को लेकर कानूनी और राजनीतिक विवाद बढ़ते जा रहे हैं। इन घटनाक्रमों के बीच, तारिक रहमान की सरकार ने मीडिया के लिए अदालत के निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है।