×

बांग्लादेश में शेख हसीना के संबोधन पर पूर्व डिप्लोमैट की सलाह

पूर्व सीनियर डिप्लोमैट सुरेंद्र कुमार ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित वर्चुअल संबोधन पर प्रतिक्रिया देने से पहले इंतज़ार करने की सलाह दी है। उन्होंने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर भी स्पष्ट किया कि इसे खारिज नहीं किया गया है। कुमार ने यह भी कहा कि हमें अटकलें लगाने से बचना चाहिए और पहले हसीना के संबोधन का इंतज़ार करना चाहिए।
 

शेख हसीना के संबोधन पर प्रतिक्रिया का इंतज़ार

पूर्व सीनियर डिप्लोमैट सुरेंद्र कुमार ने मंगलवार को कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित वर्चुअल संबोधन पर प्रतिक्रिया देने से पहले इंतज़ार करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि भारत को बांग्लादेश में किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं माना जाना चाहिए। कुमार ने कहा कि बांग्लादेश की चिंता का मुख्य कारण यह है कि हसीना एक हटाई गई नेता हैं, जिन पर गंभीर कानूनी आरोप हैं, और ढाका ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का तर्क है कि हसीना एक भगोड़ी हैं, जिन्हें सज़ा सुनाई गई है, और वह यहाँ मौजूद हैं।


भारत का प्रत्यर्पण अनुरोध पर रुख

कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध को खारिज नहीं किया है और यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहा है। उन्होंने कहा, "हमारा कहना है कि आपके प्रत्यर्पण के अनुरोध को खारिज नहीं किया गया है; उस पर विचार किया जा रहा है।" इसके अलावा, उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संबोधन कोई आधिकारिक भारतीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब (FCC) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।


अटकलों से बचने की सलाह

कुमार ने यह भी कहा कि हमें यह अटकलें नहीं लगानी चाहिए कि हसीना अपने संबोधन में क्या कहेंगी या क्या इससे बांग्लादेश में अशांति फैल सकती है। उन्होंने कहा, "हमें पहले से कोई राय नहीं बनानी चाहिए; उन्होंने अभी कुछ नहीं कहा है।" इसलिए, यह मान लेना कि वह अपने समर्थकों को भड़का सकती हैं, सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सब काल्पनिक बातें हैं और हमें बस इंतज़ार करना चाहिए।