बिहार में कांग्रेस के विधायकों की संभावित पार्टी बदलने की चर्चा
कांग्रेस के विधायकों की स्थिति
बिहार में कांग्रेस पार्टी ने छह विधायकों को चुनाव में जीत दिलाई थी। चुनाव परिणामों के बाद, राहुल गांधी ने सभी विधायकों को दिल्ली बुलाकर एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि विधायक दल का नेता जल्द ही चुना जाएगा। हालांकि, पांच महीने बीत जाने के बाद भी कांग्रेस ने अभी तक विधायक दल का नेता नहीं चुना है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के नेता इस पद का चुनाव नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें पता है कि विधायक दल का अस्तित्व ही नहीं रहेगा।
कहा जा रहा है कि सभी छह विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं, जिससे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बिहार की राजनीति से दूरी बना ली है।
राहुल गांधी ने अपने करीबी सहयोगी कृष्णा अल्लावरू को बिहार का प्रभारी और दलित नेता राजेश कुमार को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। उनके नेतृत्व में कांग्रेस की सीटें 19 से घटकर छह रह गईं, और अब ये छह विधायक भी पार्टी के साथ नहीं हैं। तीन विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी बदल ली थी। इनमें कोईरी समाज के सुरेंद्र कुशवाहा, दलित समाज के मनोज विस्वास और आदिवासी समाज के मनोहर प्रसाद सिंह शामिल हैं, जो वोटिंग में गैरहाजिर रहे थे।
इसके अलावा, तीन अन्य विधायकों में से दो मुस्लिम हैं, जो जदयू में शामिल होने की संभावना है, जबकि चार हिंदू विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं। राजद के मुस्लिम विधायक फैसल रहमान के जदयू में जाने की भी चर्चा है, क्योंकि वे भी राज्यसभा चुनाव में गैरहाजिर रहे थे।