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बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से राजनीतिक हलचल तेज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बनेगा। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं, जिसमें भाजपा और जदयू के उम्मीदवार शामिल हैं। नीतीश कुमार ने अपने आभार में कहा कि उनका राज्यसभा जाना उनकी इच्छा है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या कहा गया है।
 

नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अब यह चर्चा जोरों पर है कि जब नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बनेंगे, तो बिहार की बागडोर कौन संभालेगा। इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। बिहार का अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बनेगा।


राज्यसभा चुनाव की स्थिति

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं। इनमें से दो सीटों पर भाजपा और दो पर जदयू के उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि एक सीट आरएलएम के पास गई है।


गिरिराज सिंह का बयान

पटना में बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं। जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, वह उनके नेतृत्व में ही होगा। नीतीश कुमार ने तीन साल पहले कहा था कि उनकी राज्यसभा जाने की इच्छा है, लेकिन चुनावों के कारण वह नहीं जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना उनकी मर्जी के कोई उन्हें वहां नहीं भेज सकता। सरकार आगे भी उनकी इच्छाओं के अनुसार चलेगी।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नामांकन

गिरिराज सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर कहा कि यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि बिहार से राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यसभा जा रहे हैं।


नीतीश कुमार का आभार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पोस्ट में राज्यसभा जाने की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से लोगों ने उनका विश्वास और समर्थन बनाए रखा है, जिसके बल पर बिहार ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा थी कि वह बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनें।