×

बिहार में पर्यटन अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में कदम

बिहार सरकार ने पर्यटन अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर लाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने नए पर्यटन सर्किट के विकास, हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 की घोषणा की है। इस पहल से न केवल बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। जानें इस कार्यक्रम के बारे में और कैसे यह बिहार को पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा।
 

बिहार सरकार का पर्यटन विकास कार्यक्रम


श्री चौधरी ने बताया कि बिहार सरकार पर्यटन अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नए पर्यटन सर्किट का निर्माण किया जा रहा है। पटना में दो बड़े होटल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे राज्य को अच्छी रॉयल्टी प्राप्त होगी। भगवान बुद्ध से जुड़े स्थल जैसे राजगीर और बोध गया, भगवान महावीर से संबंधित लछुआर और वैशाली, सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ का मंदिर, और माँ मुण्डेश्वरी माता का मंदिर, हमारी धार्मिक धरोहर को दर्शाते हैं। इसके अलावा, वाल्मीकिनगर, भीमबांध जंगल, नालंदा विश्वविद्यालय, और मगध का समृद्ध इतिहास भी दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार म्यूजियम देश का सबसे उत्कृष्ट म्यूजियम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देखा है। बापू टॉवर को भी बाहर से आने वाले लोग देख रहे हैं और इसकी सराहना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। गांवों में सड़कें, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जे०पी० गंगा पथ से सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोप-वे की योजना बनाई जा रही है। पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पी०पी०पी० मॉडल को प्रोत्साहित किया जा रहा है।


श्री चौधरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'समृद्ध बिहार' के सपने को पूरा करने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं।


मुख्यमंत्री ने बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 को राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो बिहार को अग्रणी पर्यटन राज्यों में स्थापित करने के साथ-साथ रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।


कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने बिहार पर्यटन नीति 2023 के अंतर्गत हितधारकों को डमी चेक और मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना के तहत प्रमाण पत्र वितरित किए।


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, और पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने भी अपने विचार साझा किए।


कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें हरित पौधा भेंट किया।


मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे, पर्यटन विभाग के निदेशक उदयन मिश्रा, और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, हितधारक, लाभार्थी और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।