बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन की बढ़त: क्या उद्धव ठाकरे की शिवसेना का अंत निकट है?
बीएमसी एग्जिट पोल के नतीजे
मतदान के बाद जारी एग्जिट पोल में भाजपा गठबंधन को बीएमसी में स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है। एक्सिस माय इंडिया के अनुसार, भाजपा को 131 से 151 सीटें मिलने की संभावना है। बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता होती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में है। यदि ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो मुंबई की राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पिछले तीन दशकों से बीएमसी पर ठाकरे परिवार की शिवसेना का वर्चस्व रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और एमएनएस को मिलकर केवल 58 से 68 सीटें मिलने का अनुमान है, जो उनकी अब तक की सबसे कमजोर स्थिति होगी।
कांग्रेस की स्थिति
क्या कांग्रेस इस लड़ाई में पीछे छूट गई?
एग्जिट पोल के अनुसार, कांग्रेस गठबंधन को केवल 12 से 16 सीटें मिलने की संभावना है। यह दर्शाता है कि कांग्रेस की बीएमसी में भूमिका सीमित रह सकती है और वह सत्ता की दौड़ में काफी पीछे नजर आ रही है। मराठी वोटों में यूबीटी गठबंधन को बढ़त मिली है, जबकि उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय वोट भाजपा की ओर झुकते दिखाई दे रहे हैं। अनुमान है कि उत्तर भारतीयों का लगभग 68 प्रतिशत वोट भाजपा गठबंधन को जाएगा।
मुस्लिम वोटों का प्रभाव
क्या मुस्लिम वोट कांग्रेस की तरफ गया?
एग्जिट पोल के अनुसार, मुस्लिम वोटों में कांग्रेस गठबंधन को 41 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान है। यूबीटी को 28 प्रतिशत और भाजपा गठबंधन को 12 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। यह दर्शाता है कि मुस्लिम वोट भाजपा के खिलाफ बंटा हुआ है।
भाजपा का वोट शेयर
क्या वोट शेयर में भी भाजपा सबसे आगे है?
भाजपा गठबंधन को कुल 42 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। यूबीटी को 32 प्रतिशत और कांग्रेस को 13 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि बीएमसी में भाजपा का जनाधार सबसे बड़ा बन चुका है। डीवी रिसर्च के एग्जिट पोल में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है, जिसमें भाजपा को 107 से 122 सीटें मिलने का अनुमान है। ठाकरे गुट को 68 से 83 सीटें मिलने की संभावना है। दोनों सर्वे एक ही दिशा में इशारा कर रहे हैं कि बीएमसी में सत्ता परिवर्तन संभव है।