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बॉम्बे हाईकोर्ट में इमरान खान का 'भारत छोड़ो' नोटिस पर बयान

बॉम्बे हाईकोर्ट में इमरान खान के 'भारत छोड़ो' नोटिस पर सुनवाई हुई, जहां उन्होंने कहा कि वह भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लेंगे। अदालत ने उनके OCI कार्डधारक होने के नाते उन्हें कानूनी रूप से भारतीय नागरिक की तरह व्यवहार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मामले में राज्य सरकार ने एफआईआर दर्ज की है और इमरान खान को एक अंडरटेकिंग देने का आदेश दिया गया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत की टिप्पणियाँ।
 

बॉम्बे हाईकोर्ट में इमरान खान की सुनवाई

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा जारी 'भारत छोड़ो' नोटिस के संदर्भ में बॉम्बे हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान, अभिनेता ने अदालत में स्पष्ट रूप से कहा कि वह भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लेंगे और इसके लिए कानूनी हलफनामा देने के लिए तैयार हैं। मुख्य न्यायाधीश एम.सी. त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने पिछले सप्ताह इस निष्कासन नोटिस पर अंतरिम रोक लगाकर अभिनेता को राहत प्रदान की थी।


इमरान खान की दलील: 'मैं अमेरिकी नागरिक हूं, लेकिन मेरा जीवन भारत में बीता'
सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील वेंकटेश धोंड ने कहा कि अभिनेता का किसी प्रदर्शनकारी संगठन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि इमरान खान का जन्म अमेरिका में हुआ, जिसके कारण उनके पास अमेरिकी पासपोर्ट और भारत का ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। वकील ने यह भी कहा कि इमरान ने अपना पूरा जीवन भारत में बिताया है, और न तो उनसे औपचारिक पूछताछ की गई है और न ही कोई समन भेजा गया है।


बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी: OCI कार्डधारक को प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार नहीं
अदालत ने अभिनेता के आचरण पर कड़ी टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि इमरान खान एक OCI कार्डधारक हैं और उन्हें भारतीय नागरिक की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि एक विदेशी नागरिक होने के नाते उन्हें देश के आंतरिक मामलों में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं है। इसके अलावा, अदालत ने पूछा कि जब वह भारत में लंबे समय से रह रहे हैं, तो उन्होंने अब तक भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली।


जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाया
राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। FRRO की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने बताया कि इमरान खान ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और पोस्ट साझा किए हैं। अदालत ने अंततः निर्देश दिया कि इमरान खान को एक औपचारिक अंडरटेकिंग देनी होगी कि वह भविष्य में किसी भी धरने या विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, जिस पर उनके वकील ने सहमति जताई।