ब्रजभूषण शरण सिंह का बीजेपी पर तीखा हमला, 2027 और 2029 के चुनावों की दी चुनौती
ब्रजभूषण शरण सिंह का बागी तेवर
नई दिल्ली: भाजपा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने हाल ही में अपनी ही पार्टी के खिलाफ बागी रुख अपनाया है। उनके बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। भागलपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के दौरान, उन्होंने अपनी सरकार और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर तीखा हमला किया। ब्रजभूषण ने कहा कि आज सरकार की नजरों में उनका और उनके समुदाय का कोई महत्व नहीं रह गया है।
चुनौती भरे लहजे में दी चुनौती
ब्रजभूषण ने मंच से कहा कि यदि किसी को लगता है कि वे अब भार बन चुके हैं, तो उन्हें केवल एक बार कहने की जरूरत है। चाहे वह 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव हो या 2029 का लोकसभा चुनाव, वे अपनी उपयोगिता साबित करेंगे। उन्होंने क्षत्रिय समाज को एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि उनकी चुप्पी के कारण ही उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
संविधान निर्माण पर उठाए सवाल
उन्होंने संविधान निर्माण के श्रेय पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि यह केवल बाबा साहब का काम नहीं था, बल्कि 242 सदस्यों की सभा ने इसे बनाया था, जिसमें बिहार का बड़ा योगदान था। आजादी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि 'साबरमती के संत' का नारा झांसी की रानी, कुंवर सिंह और बिरसा मुंडा जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान को भुला देता है।
समाज को दी चेतावनी
अपने खिलाफ उठे विवादों को 'विश्वव्यापी षड्यंत्र' बताते हुए, उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविताओं और हनुमान चालीसा का उल्लेख किया। उन्होंने समाज से कहा कि अब समझाने का समय समाप्त हो चुका है। अब समय है अपनी ताकत को पहचानने और बल, बुद्धि, विद्या अर्जित करने का। तलवार लेकर सम्मानित हुए पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि वीर कुंवर सिंह का अनुयायी कभी झुकता नहीं।