ब्रिक्स संसदीय फोरम में मोदी और थरूर की ईरानी प्रतिनिधियों से मुलाकात
ब्रिक्स संसदीय फोरम का आयोजन
नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ईरान के संसदीय प्रतिनिधियों से बातचीत की। दूतावास के अनुसार, इन चर्चाओं में भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों के महत्व पर जोर दिया गया। यह बैठकें उस समय हो रही हैं जब भारत संसद भवन परिसर में ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडलों की मेज़बानी कर रहा है। सोमवार को, प्रधानमंत्री मोदी ने इस फोरम के उद्घाटन समारोह में भाग लिया और विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संसदीय कूटनीति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह फोरम सांसदों को अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ संवाद करने का अवसर प्रदान करता है। यह संवाद सरकारी स्तर की औपचारिक मुलाकातों की तुलना में अधिक अनौपचारिक होता है। मीडिया से बातचीत में, थरूर ने पिछले वर्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद विदेशों में भेजे गए संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का उल्लेख किया और कहा कि इन यात्राओं ने सांसदों के बीच सीधे संवाद के महत्व को साबित किया।
संसदीय आदान-प्रदान का महत्व
थरूर ने कहा कि सभी सरकारें औपचारिक कार्य करती हैं, लेकिन पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद जब वे संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ विदेश गए, तो वहां के लोगों ने बताया कि सांसदों से सीधा संवाद कितना लाभकारी रहा। उन्होंने कहा कि औपचारिक राजनयिक संबंधों के अलावा, संसदीय आदान-प्रदान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। थरूर ने कहा, "यह सब कुछ भू-राजनीति या सरकारों के बीच के संबंधों तक सीमित नहीं है। इसमें सांसदों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।"
भारत की संसद द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय मंच में ब्रिक्स (BRICS) के 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचे। इस मंच की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की, जिन्होंने सोमवार को उद्घाटन भाषण दिया।