भाजपा और कांग्रेस के चुनावी फंडिंग में बड़ा अंतर: विधानसभा चुनाव 2025
चुनाव फंडिंग में भाजपा की बढ़त
नई दिल्ली: हाल ही में संपन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी फंडिंग में एक बड़ा अंतर देखने को मिला है। चुनाव आयोग को प्रस्तुत किए गए खर्च विवरण के अनुसार, भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय को चुनाव के दौरान 1,472.8 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुईं, जो कांग्रेस की सभी इकाइयों की 207.17 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्तियों से सात गुना अधिक है। उल्लेखनीय है कि भाजपा के केरल और पश्चिम बंगाल चुनावों के खर्च विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
भाजपा की वित्तीय स्थिति
भाजपा के केंद्रीय खाते में चुनाव अवधि की शुरुआत में 6,722.6 करोड़ रुपये थे, जो 6 मई को चुनाव समाप्त होने तक बढ़कर 7,627.2 करोड़ रुपये हो गए। इस दौरान पार्टी के खाते में 904.6 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। इसके विपरीत, कांग्रेस की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई, जिसका प्रारंभिक बैलेंस लगभग 169.06 करोड़ रुपये था, जो घटकर लगभग 103.2 करोड़ रुपये रह गया।
भाजपा का खर्च
भाजपा ने तीन राज्यों में 159 करोड़ से अधिक खर्च किए
भाजपा के सार्वजनिक खर्च विवरण के अनुसार, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में पार्टी ने लगभग 159.7 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें से 130.4 करोड़ रुपये सामान्य पार्टी प्रचार पर और शेष उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर गए। असम में सबसे अधिक 96.27 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसमें 76.73 करोड़ रुपये प्रचार और 19.54 करोड़ रुपये उम्मीदवारों पर खर्च किए गए।
प्रचार पर खर्च
विज्ञापन और स्टार प्रचारकों पर भारी खर्च
असम में भाजपा के प्रचार खर्च में विज्ञापनों पर लगभग 37 करोड़ रुपये और स्टार प्रचारकों की यात्रा पर लगभग 27.3 करोड़ रुपये खर्च हुए। तमिलनाडु में पार्टी का कुल खर्च 51.56 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 44.51 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार और 7.05 करोड़ रुपये उम्मीदवारों पर खर्च किए गए। मीडिया विज्ञापनों पर करीब 23.96 करोड़ रुपये और स्टार प्रचारकों की यात्रा पर लगभग 10.04 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
कांग्रेस का खर्च
कांग्रेस ने प्रचार पर खर्च किए 143 करोड़ रुपये
कांग्रेस ने पांच राज्यों में कुल 248.55 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें 143 करोड़ रुपये सामान्य पार्टी प्रचार और 105.55 करोड़ रुपये उम्मीदवारों पर खर्च हुए। केंद्रीय मुख्यालय ने प्रचार के लिए 40.52 करोड़ रुपये दिए, जबकि राज्य और स्थानीय इकाइयों ने 102.49 करोड़ रुपये खर्च किए। केरल में कांग्रेस का प्रचार खर्च सबसे अधिक 59.28 करोड़ रुपये रहा, इसके बाद असम में 22.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
भाजपा की फंडिंग में वृद्धि
2025 में भी भाजपा की फंडिंग रही काफी ज्यादा
राजनीतिक दलों की फंडिंग के आंकड़े 2025 में भी भाजपा की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाते हैं। ADR की मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भाजपा को 6,074 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जो पिछले वित्त वर्ष के 2,243 करोड़ रुपये से लगभग 171 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा की घोषित चंदे की राशि कांग्रेस, AAP, CPI(M) और NPEP समेत चार अन्य दलों की कुल घोषित राशि से लगभग दस गुना थी।